संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट के अंदर हरियाणा की पहली नई 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रथम चरण में प्लांट के अंदर लगे 8500 पेड़ों को काटने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इसके बाद यूनिट की ड्राइंग के अनुसार जमीन पर निशानदेही होगी, तब मशीनों से मिट्टी की खोदाई का कार्य शुरू होगा। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट देखने में कैसी होगी, इसकी साढ़े तीन हजार ड्राइंग बनाई गई हैं। थर्मल के अंदर जिस जगह पर इस नई यूनिट का निर्माण होना है, वह जगह पहले से ही चयनित की जा चुकी है।
नई यूनिट लगाने के लिए 409.242 हेक्टेयर (1011.26 एकड़) भूमि एक्वायर होगी। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की ओर से इसे परियोजना लागत के अनुसार 8469 करोड़ रुपये में बनाया जाना है। नई यूनिट लगने के बाद मार्च 2029 में यहां से प्रतिदिन 192 लाख यूनिट बिजली बनना शुरू हो जाएगी। वहीं, यमुनानगर हरियाणा का पहला ऐसा जिला बन जाएगा जहां पर सबसे बड़ी बिजली उत्पादन की यह इकाई होगी। अभी तक झज्जर में 1320, पानीपत में 710 और हिसार के खेदड़ में 1200 मेगावाट की इकाइयां लगी हैं।
यमुनानगर के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह होगी यहां से एक साथ कुल 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करने वाला जिला बन जाएगा। मौजूदा समय में हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की वर्तमान क्षमता 2582 मेगावाट है। वर्ष 1998 में इसकी क्षमता 863 मेगावाट थी। थर्मल की नई 800 मेगावाट यूनिट लगने से 3382 मेगावाट बिजली उत्पादन हो जाएगा।
पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। पर्यावरण को बनाए रखने के लिए थर्मल के अंदर ही नए पौधे लगाए जाएंगे। ये पौधे कहां लगाए जाने है, इसकी जगह उपलब्ध है। -रमन सोबती, चीफ इंजीनियर, थर्मल प्लांट यमुनानगर।