शहर के टी-प्वांट से किलर प्वाइंट बने मधु चौक को चौड़ा करने सहित कई प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए मिले 20 दिन का समय पूरा होने को है, किंतु आधे से ज्यादा काम अब भी अधूरा है।
8 मई को जिला रोड सेफ्टी कमेटी की मीटिंग में इस संदर्भ में आदेश मिलने के बाद 17 दिन में विभाग महज ढाई कोस ही चल पाए हैं।
इस दौरान महज जेबरा-क्रॉसिंग और डिवाइडर के गैप को कम करने का काम ही पूरा हो पाया है, जबकि ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों को शिफ्ट करने, चौक का चारों ओर से विस्तार करने सहित कोनों पर स्लिप-वे बनाने, ट्रैफिक लाइट आदि कार्य अब भी पूरे नहीं हो सकें हैं।
इन्हें पूरा करने के लिए अब तीन दिन का समय शेष रह गया है, इस अवधि में काम पूरा न करने की सूरत में आदेशानुसार चौक पर हादसा होने पर कार्य पूरा न करने वाले विभाग के ऊपर कार्रवाई का प्रावधान होगा।
15 माह में 13 लोग गंवा चुके हैं जान
मधु चौक पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव के कारण यहां हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके कारण सड़क हादसों को ग्राफ निरंतर बढ़ रहा है, पिछले पंद्रह माह के भीतर 13 लोग अलग-अलग हादसों में जान गंवा चुके हैं। अमर उजाला ने 12 मई के अंक में तीन वर्षों से मधु चौक को चौड़ा करने सहित विभिन्न प्रोजेक्ट अटके होने के संबंधित समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद कुछ विभागों की ओर से हारकर दिखाई गई और मधु चौक के डिवाइडर के गैप को कम करने के साथ मधु पेट्रोल पंप के डिवाइडर को बंद कर दिया गया है।
कार्य पूरा न करने वाले विभाग होंगे हादसे के जिम्मेदार
बीती 8 मई को लघु सचिवालय में जिला रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें विभागीय सूत्रों के मुताबिक डीसी की ओर से मधु चौक को चोड़ा करने सहित विभिन्न प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए संबंधित विभागों को 20 दिन का समय दिया था। साथ ही इस दौरान विभागों को स्पष्ट किया गया था कि यदि 20 दिन के बाद चौक पर कोई हादसा होता है, तो इसके लिए कार्य पूरा न करने वाला विभाग जिम्मेदार होगा।
विभागों में उलछा ट्रांसफार्मर और खंभों के शिफ्टिंग का मामला
सूत्रों के मुताबिक मधु चौक को चौड़ा करने के बीच यहां लगे खंभे और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का काम आड़े आ रहा है, क्योंकि इन काम के बाद ही अगले काम हो सकेंगे। इसके लिए कई माह से बिजली निगम नगर निगम से करीब डेढ़ लाख रुपये मांग रहा है, किंतु नगर निगम की ओर से पेमेंट न किए जाने से यह काम नहीं हो पाया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो नगर निगम को बिजली निगम द्वारा खंबे और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के नाम पर मांगी जा रही राशि बहुत अधिक लग रही है, इसीलिए अब नगर निगम ने इस काम में कहां-कहां और कितना खर्च होगा, इसका ब्योरा मांगा है।