संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। संधाय गांव की महिलाओं ने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। वर्ष 2019 में शुरू हुए सना स्वयं सहायता समूह से जुड़कर गांव की महिलाएं आज न केवल अच्छा रोजगार प्राप्त कर रही हैं, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
समूह में 10 महिलाएं शामिल हैं और गांव में कुल 14 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। यह समूह अरमान महिला क्लस्टर तथा माही महिला ग्राम संगठन के अंतर्गत संचालित हो रहा है। समूह की प्रधान साबरी बेगम ने बताया कि पहले सभी महिलाएं केवल गृहिणी थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को पहचानने और आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
आज महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, झूमर निर्माण और सॉफ्ट टॉय बनाने का कार्य कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। वहीं समूह की कुछ महिलाओं ने बकरी पालन के लिए भी आवेदन किया हुआ है, ताकि स्वरोजगार के नए रास्ते खोले जा सकें। विलेज फेसिलेटर शमीम अब बैंक मित्र का कार्य भी संभालेंगी। इसके साथ ही वह सीएससी सेंटर का संचालन कर ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं।
समूह की प्रधान साबरी बेगम सिलाई-कढ़ाई के कार्य में महिलाओं को प्रशिक्षण देने का काम भी कर रही हैं। समूह की सचिव रीना देवी, खजांची जगींद्रो देवी सहित रजनी देवी, सरोज बाला, रुकैया बेगम, ताहीरा, परमजीत, पूनम देवी और रीतू देवी लगातार मेहनत कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। समूह की बैठकें महीने में चार बार आयोजित की जाती हैं, जिनमें बचत, रोजगार और नए कार्यों पर चर्चा की जाती है।
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से महिलाओं को विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध करवाया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा व ब्लॉक अधिकारी धर्मवीर कांबोज ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है। महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि वे अपना व्यवसाय स्थापित कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकें।
महिलाओं के लिए ऋण योजना शुरू : डीसी
डीसी प्रीति ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष ऋण योजना चलाई जा रही है। वर्ष 2025-26 में जिले की 74 महिलाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं 1.50 लाख रुपये तक ऋण के लिए आवेदन कर सकती हैं। अन्य श्रेणी की महिलाओं को अधिकतम 10 हजार और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 25 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। जिला प्रबंधक किरण बाला ने बताया कि योजना के तहत सिलाई, कढ़ाई, बुटीक, जनरल स्टोर और रेडीमेड गारमेंट जैसे कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सीएससी में महिला के फिंगर प्रिंट स्कैन करतीं शमीम। स्वयं