संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महिलाओं के संबंधित विभिन्न मांगों समर्थन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न संगठनों की महिला कर्मियों ने लघु सचिवालय के पास सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम सोनूराम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू), सर्व कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय किसान सभा समेत विभिन्न संगठनों के बैनर तले संगठनों के सदस्य अनाज मंडी जगाधरी में इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन की अगुवाई महिला जनवादी समिति जिला प्रधान राजेश्वरी, सीटू नेता सुनीता सुघ, एसकेएस सदस्य विजय कुमार, रिटायर्ड संघ जिला सचिव सोमनाथ, किसान सभा जिला अध्यक्ष जरनैल ने की।
प्रदर्शन में अध्यापक संघ महासचिव रामपाल शर्मा, एसकेएस कैथल से जिला प्रधान शिवचरण, जनवादी महिला समिति से प्रदीप, सोमवती, नीलम, सविता, राजरानी, सीटू से विनोद त्यागी, रोशन लाल, एमडीएम वर्कर यूनियन से नीलम भट्टी, सुषमा, उषा, कैलाशो ममता, आंगनबाड़ी से सुनीता करहेड़ा, रेखा सैनी, रजनी, छिमा, आशा वर्कर यूनियन से नीरू, कर्मजीत, सीमा आदि मौजूद रहीं।
संगठनों ने ये रखीं मांगें
महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने का वादा तुरंत पूरा किया जाए। भाजपा प्रदेस अध्यक्ष मोहनलाल बडोली और गायक रॉकी मित्तल पर लगे सामूहिक दुष्कर्म के आरोप की न्यायिक जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करवाई जाए। सभी कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रीवेंशन ऑफ सेक्सुअल हरासमेंट एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। सखी केंद्रों के लिए बजट बढ़ाकर नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील, स्क्रैच मदर ग्रुप आदि के तौर पर काम कर रही सभी महिलाओं का रोजगार पक्का किया जाए। मनरेगा का बजट बढ़ाया जाए, प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी व 200 दिन का काम सुनिश्चित किया जाए। शर्तों को हटाकर सभी जरूरतमंद परिवारों को 35 किलो अनाज हर महीने दिया जाए। केरल सरकार की तर्ज पर राशन डिपो पर 14 चीजें दी जाएं। रसोई गैस व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी वापस ली जाए।