संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। भोगपुर क्षेत्र में आंबेडकर महिला स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर उभर रहा है। वर्ष 2018 में स्थापित इस समूह का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था।
समूह में वर्तमान में केवल दस महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो अपने परिश्रम और लगन से अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। ये महिलाएं घर बैठे डोने मशीन चलाने, आटा चक्की, मनीयारी, सिलाई-कढ़ाई जैसे स्वरोजगार कार्य सीख रही हैं और अपनी कमाई से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रही हैं।
भोगपुर की रीना देवी इस समूह की प्रमुख कड़ी मानी जाती हैं। वह महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में लगातार सक्रिय हैं। रीना देवी बताती हैं कि जब महिलाएं मिलकर काम करती हैं तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। उनके मार्गदर्शन में समूह की महिलाएं नियमित बैठकें करती हैं और नए कार्य सीखने में एक-दूसरे की मदद करती हैं।
समूह को सरकार की ओर से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। रिवॉल्विंग फंड की सुविधा के साथ-साथ बैंकों के माध्यम से महिलाओं को लोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपने कार्य को और आगे बढ़ा सकें। इसके अलावा, सद्भावना महिला क्लस्टर फैडरेशन के सहयोग से समूह की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
समूह में सुलोचना प्रधान, गुलशन सचिव, रीना देवी खजांची, रजनी, ममता, रजनेश, वर्षा, सत्या रानी, सत्या देवी और स्नेहलता सदस्य हैं। इन महिलाओं ने अपनी मेहनत और संगठनात्मक क्षमता से यह साबित कर दिया है कि आर्थिक सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन सकता है।