संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजनीतिक दलों में पुरुषों का दबदबा कायम है और महिलाओं को अभी भी राजनीतिक पदों और निर्णय-निर्माण में समानता की दरकार है, जिसके मुख्य कारणों में पार्टी नेतृत्व से महिला उम्मीदवारों को कम समर्थन, लैंगिक भेदभाव, मतदाताओं में महिलाओं को चुनने की अनिच्छा और महिलाओं को कम उम्र से ही नेताओं के रूप में प्रोत्साहित न करना शामिल है।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए कानूनी और सामाजिक उपायों के साथ-साथ राजनीतिक दलों की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बता दें महिला समानता दिवस प्रतिवर्ष 26 अगस्त को मनाया जाता है, जो 1920 में अमेरिका में महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने वाले 19वें संविधान संशोधन के अनुसमर्थन की वर्षगांठ का प्रतीक है।
यमुनानगर जिले में सभी प्रमुख राजनैतिक दलों में जिलाध्यक्ष के पद पर पुरुष ही पार्टी की बागडोर संभाले हुए हैं। बात करें तो प्रमुख चार दलों में भाजपा ने अपने संगठन के करीब 25 पदों में चार चार महिलाओं को बड़े पदों पर स्थान दिया है। इसी तरह कांग्रेस में हाल ही में दो जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं यहां एक भी महिला को पार्टी ने बागडोर नहीं।
इसी तरह जजपा और इनेलो का हाल भी कुछ ऐसा ही है। आम आदमी पार्टी में भी जिलाध्यक्ष पुरुष है। इनेलो में भी जनरल बॉडी में अभी महिला के हाथ में कमान नहीं है। जिले में 914901 लाख से अधिक मतदाता हैं। विधानसभा चुनाव में महिलाओं की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही महिलाओं की चुनाव में भागीदारी भी बढ़ी है।
जिले की चार विधानसभाओं में मतदाता
विधानसभा- पुरुष- महिला- कुल
साढौरा- 118517- 108010- 221527
जगाधरी 125376- 110712- 236090
यमुनानगर- 131299- 115759- 247059
रादौर- 112093- 427612- 914901