संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सामाजिक सुरक्षा पेंशन बनवाने और बंद हुई पेंशन को दोबारा शुरू कराने के लिए महिलाओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी पेंशन अधिकारी कार्यालय के बाहर सुबह से ही बुजुर्ग महिलाओं और दिव्यांगों की लंबी लाइन लगी रही।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि राशन कार्ड, फैमिली आईडी और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े मामलों के कारण उनकी पेंशन रुकी हुई है। कई मामलों में परिवार की आय अधिक दिखने या खाते में ज्यादा ट्रांजेक्शन होने के कारण पेंशन काट दी गई है। समस्या के समाधान के लिए महिलाएं 20 से 30 किलोमीटर दूर गांवों से किराया खर्च कर कार्यालय पहुंच रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा।
वहीं छोटा लापरा निवासी लीला देवी ने बताया कि उनके पति विनोद कुमार पिछले 12 वर्षों से लापता हैं। पति के लापता होने के बाद से वह परिवार का पालन-पोषण प्लाईवुड फैक्ट्री में मजदूरी करके कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कई बार पेंशन के लिए आवेदन कर चुकी हैं और अधिकारियों को सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करवा चुकी हैं। अब तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई।
कार्यालय में पहुंची कमलेश, जगीरों देवी, संतोष, बाला देवी, कांता, राजकुमारी, शक्को, इसराना ने कहा कि हर बार नए दस्तावेज मांग लिए जाते हैं।
इससे उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि पेंशन संबंधी समस्याओं का समाधान एक ही जगह और तय समय सीमा में किया जाए, ताकि बुजुर्गों और जरूरतमंद महिलाओं को राहत मिल सके।
कागजात दिखाने कोर्ट गए कर्मचारी
नंदा कॉलोनी से आए दिव्यांग राजकुमार ने बताया कि वह पहले भी कई बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। अधिकारियों की ओर से नए कागजात मांगे गए थे, जिन्हें पूरा करके वह दोबारा पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि की घंटे से कार्यालय में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने यह कहकर बैठा रखा है कि संबंधित कर्मचारी कागजात लेकर कोर्ट गए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के बाहर खड़े लोग। संवाद