संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कृषि विज्ञान केंद्र ने दामला में अंतरराष्ट्रीय पोषण अनाज वर्ष 2023 के अंतर्गत में पोषण वाटिका महाअभियान एवं पौधरोपण पर महिला किसान गोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि विधायक घनश्यामदास अरोड़ा ने कहा कि महिला किसानोें को पोषण का महत्व बताया। उन्होंने कहा प्रत्येक व्यक्ति को संतुलित पोषण दिया जाना चाहिए जो उसके शारीरिक विकास और वृद्धि तथा रोगों से लड़ने के लिए बहुत ही आवश्यक होता है।
उन्होंने बताया कि पहले पारंपरिक व्यायाम जो गृह कार्य करते समय स्वयं ही हो जाते थे, लेकिन आज के आधुनिक युग में यह पारंपरिक कार्य नहीं किए जाने की वजह से शारीरिक विकार उत्पन्न हो रहे हैं। इसीलिए शारीरिक व्यायाम जरूरी हैं। उन्होंने फल, फूल, गृह उद्यान लगाने व छाया देने के साथ-साथ ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधे लगाने के बारे में भी किसानों को सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. एनके गोयल ने जैविक खेती के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होेंने कहा जैविक उत्पादों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। उन्होंने फसल अवशेषों को भी जैविक फसल उत्पादन के लिए कंपोस्ट बनाने में इस्तेमाल किए जाने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि जैविक उत्पादन में जैविक माध्यम से पोषक तत्वों की पूर्ति की जाती है इसके लिएए कंपोस्ट खाद, गोबर की खाद, हरी खाद, मुर्गी की खाद, केंचुआ की खाद आदि जो पौधों के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों की पूर्ति कर देते हैं, बशर्ते इनके उपयोग का संतुलन बनाया जाए और उन्होंने जीवाणु खाद से बीज उपचार कर रसायनिक उर्वरकों से निजात पाने का भी उपाय बताएं।
क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. ओमकार ने फसल के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के साथ-साथ मनुष्य के लिए भी आवश्यक पोषक तत्वों की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसलों के लिए 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है तथा इनकी पूर्ति करने वाले माध्यम वह उर्वरकों के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने नैनो उर्वरक से भी अवगत करवाया, इसके बारे में उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से किसान का समय खर्चा तो बचता ही है साथ ही साथ यह वातावरण पर भी दुष्प्रभाव नहीं डालते हैं।
डॉ. कामना दुग्गल मानव पोषण विशेषज्ञ ने किसानों को संतुलित आहार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इस मौके मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. एन के गोयल, डॉ. ओंकार क्षेत्रीय प्रबंधक इफ्को, डॉ. कामना दुग्गल पोषण विशेषज्ञ, डॉ. सुनीता आहूजा गृह विज्ञान, डॉ. वीरसेन, डॉ. अजीत सिंह, प्रशिक्षण सहायक करण सिंह सैनी उपस्थित रहे।