पेयजल की समस्या से जूझ रहीं कस्बा की श्रीराम कॉलोनी (नजदीक गुरु रविदास मंदिर) में महिलाओं ने थाली बजाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के जरिये महिलाओं ने
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कीं। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने पानी न आने पर जनस्वास्थ्य विभाग साढौरा के जेई के मोबाइल पर भी फोन किया। जेई ने जवाब दिया कि वह ट्रेनिंग पर हैं। इसलिए सोमवार को आकर बात करेंगे। वह एक माह से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही हैं और अधिकारी नकारात्मक रवैया अपनाए हुए हैं। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पेयजल का समाधान नहीं हुआ तो वह सड़क पर जाम लगाने को मजबूर हो जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
श्रीराम कॉलोनी की हरविंद्र कौर, निर्मल कौर, कोमल, मित्तो, बोहती, अंजली, अमरजीत कौर, नीरू ने बताया कि जब से कॉलोनी में लोहे की पाइप लाइन दबी है तब से सभी लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस गए हैं। कॉलोनी में दबाई गई लोहे की पाइप लाइन जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूूबवेल से आ रही पाइप लाइन से डेढ़ से दो फीट ऊंची है। लोग काफी समय से मांग कर रहे हैं कि श्रीराम कॉलोनी में जो पाइप लाइन दबाई गई है उसे दोबारा उखाड़ कर नीचे किया जाए परंतु अधिकारी हैं कि सुनते नहीं। अब लोगों के सब्र का बांध टूट चुका है। महिलाओं ने कहा कि एक तरफ तो सरकार हर घर में पानी पहुंचाने के दावे कर रही है तो वहीं इस पूरी कॉलोनी में ही पानी नहीं आ रहा। इस बावत कॉलोनी के लोग कई बार शिकायतें कर चुके हैं परंतु पानी की समस्या का समाधान नहीं किया जा सका। शनिवार को भी दिनभर लोग अधिकारियों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई मौके पर नहीं आया।
वार्ड तीन के पंचायत सदस्य जगतार ने बताया कि लोगों की समस्या जायज है। पूरी कॉलोनी में ही पानी नहीं है। अधिकारी बिल्कुल भी नहीं सुनते। लोगों की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत बिलासपुर की ओर से शुक्रवार देर रात कॉलोनी में पानी का टैंकर खड़ा करवाया गया। जिससे लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए पानी मिल सका, लेकिन पानी की आपूर्ति का यह स्थायी समाधान नहीं है। कॉलोनी में दबाई गई पाइप लाइन बहुत ऊंची है। जिस कारण लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। इस लाइन को नीचा किए जाने की जरूरत है।