संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव बहादुरपुर में महिलाओं का शिव स्वयं सहायता समूह आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहा है। वर्ष 2022 में गठित इस समूह ने महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया है। जूट के बैग और जूट की गुडि़या बनाकर महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
समूह की प्रधान रीना देवी ने इसकी कमान संभाल रखी है। उनके नेतृत्व में समूह की महिलाएं लगातार नए उत्पाद तैयार कर रही हैं। समूह में खजांची कविता, सचिव संगीता के अलावा संगीता देवी, ममता देवी, रजनी देवी, नेहा, नीशा, सोमदेवी, सोनिया देवी और सुमन देवी शामिल हैं। खजांची कविता महिलाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही हैं।
संगीता देवी सिलाई-कढ़ाई के साथ एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में भी कार्यरत हैं। समूह की महिलाएं हर महीने चार बैठकें आयोजित करती हैं, जिनमें उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ बचत और स्वरोजगार के तरीके बताए जाते हैं। महिलाओं का कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने हुनर को पहचान सकी हैं।
समूह अब तक 20 से अधिक प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा चुका है। जूट से बने बैग और डॉल को लोगों ने काफी पसंद किया है। इससे महिलाओं की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है। गांव में कुल 17 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं, जो अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं।
यह समूह जागृति ग्राम संगठन के अंतर्गत कार्य करता है। बैंक मित्र और प्रशिक्षक मोबिन भी समय-समय पर समूह की महिलाओं को बचत, बैंकिंग और आर्थिक प्रबंधन की जानकारी देती रहती हैं। महिलाओं का कहना है कि समूह ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी योगदान दे रही हैं।
वहीं हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए समय समय पर प्रशिक्षण के साथ साथ बैंक लोन की सुविधा भी है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी किया जाता है।
गांव बहादुरपुर में बैठक के दौरान मौजूद शिव समूह की महिलाएं। संगठन