संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पश्चिमी यमुना नहर पुल से मंगलवार सपरिवार रेल ट्रैक पार कर रही महिला की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। मालगाड़ी देखकर पति तीनों बच्चों को लेकर एक तरफ कूद गया, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन 12 वर्षीय बेटा व सात वर्षीय बेटी घायल हो गए। जीआरपी को ट्रेन रुकवाकर कार्रवाई करनी पड़ी।
राम शगुन ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है और करीब दो महीने पहले यमुनानगर आया था और यहां फैक्टरी में काम कर रहा है। कुछ दिन पहले वह पैतृक घर बेगूसराय गया था। वहां से पत्नी कविता और तीन बच्चों को लेकर मंगलवार को अंबाला हरिहर एक्सप्रेस से सुबह करीब पौने नौ बजे यमुनानगर जगाधरी स्टेशन पर उतरा था। उसे यमुना पार बाडी माजरा जाना था।
ट्रेन से उतरने के कुछ देर बाद वह पत्नी व बच्चों के साथ पश्चिमी यमुना नहर पुल से रेल ट्रैक पार कर बाडी माजरा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान पीछे से ट्रेन आ गई। ट्रेन देखकर वह बच्चों के साथ तो एक तरफ कूद गया, लेकिन कविता को बचने का समय नहीं मिला और ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
हादसे में 12 वर्षीय विमलेश व सात वर्षीय बेटी अनुष्का घायल हो गए। वहीं पांच वर्षीय बच्चे को मामूली चोट आई। हादसे के बाद परिवार सदमे में है। घायल बच्चों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों के हाथ व पांव में चोट है। वहीं, बेटे के सिर में चोट लगी है।
मौके पर पहुंचे जीआरपी के उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि उन्हें स्टेशन मास्टर की ओर से सुबह 11 बजे मेमो मिला था। इस आधार पर वे ट्रैक पर पहुंचे। शव ट्रैक के बीच था, इसलिए ट्रेन रुकवानी पड़ी। पुलिस ने राम शगुन के बयान के आधार पर कार्रवाई कर कविता का पोस्टमार्टम करवाया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
समय बचाने की जुगत में गई जान
राम शगुन प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता है। मंगलवार को वह परिवार को लेकर आया था। ट्रेन से उतरने के बाद वह पत्नी व बच्चों को लेकर बाडी माजरा जा रहा था। इस दौरान वह पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेल लाइन पुल से पत्नी व बच्चों के साथ जा रहा था। सोचा था कि पुल पार करते ही वह बाडी माजरा पहुंच जाएगा। सड़क मार्ग से जाने में करीब आधा घंटे से ज्यादा समय लग जाता।
तीन सप्ताह पहले गई थी मामा-भांजे की जान
रेलवे पुल लोगों के लिए शॉर्टकट बना हुआ है। यमुना पार जाने के लिए लोग रेल ट्रैक पुल का इस्तेमाल करते हैं। करीब तीन सप्ताह पहले हादसे में मामा-भांजे की जान चली गई थी। वहीं साथी युवक ने कूद कर जान बचाई थी। लेकिन वह पुल के खंभों से टकराकर घायल हो गया था। बिहार के दरभंगा निवासी 31 मोहम्मद मुराद और करनाल के इंद्री के गांव सैयद छपरा निवासी 19 वर्षीय भांजे मोहम्मद अफजल पुल पार करते ट्रेन की मौत हो गई। अफजल का दोस्त 19 वर्षीय मैक्स गंभीर रूप से घायल हो गया था।