संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में नवजात बच्चों का जन्म होने के बाद उनके आधार कार्ड बनवाने के लिए परिजनों को सिविल सर्जन कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में ही डिलीवरी होने के बावजूद नवजातों को गोद में लेकर परिजनों को आधार केंद्र तक पहुंचना पड़ता है। तेज धूप, बारिश हो या सदी, ऐसे मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन कार्यालय में आधार कार्ड केंद्र बनाया गया है, जहां अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजातों के अलावा बाहर से आने वाले लोग भी आधार कार्ड अपडेट कराने और गलतियों में सुधार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में केंद्र पर अक्सर भीड़ लगी रहती है।
जिला अस्पताल में रोजाना गर्भवतियों की डिलीवरी होती है और जन्म के बाद नवजातों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी यहीं से शुरू होती है लेकिन अस्पताल में अलग आधार केंद्र की सुविधा नहीं होने के कारण परिजनों को नवजात को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय जाना पड़ता है। कई बार मां और नवजात को अलग-अलग रखने की स्थिति भी बन जाती है।
एक साल पहले दिए थे केंद्र शिफ्ट करने के आदेश
करीब एक साल पहले स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान नवजात बच्चों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानी को देखते हुए लेबर रूम के आसपास आधार कार्ड केंद्र शिफ्ट करने के आदेश दिए गए थे।
संक्रमण का भी रहता है खतरा
अस्पताल में जन्म लेने वाले कई नवजातों को जन्म के बाद चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत होती है। खासकर पीलिया होने पर बच्चों को नीकू वार्ड में रखा जाता है। ऐसे नवजातों को खुले में बाहर ले जाना संक्रमण समेत अन्य स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसके बावजूद आधार बनवाने के लिए परिजनों को उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय तक लेकर जाना पड़ रहा है।
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आधार कार्ड को सिविल सर्जन कार्यालय से अस्पताल में शिफ्ट करने का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इस बार में अस्पताल में ही जगह का चयन कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन।