अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रोफेसर डॉ. रोहित दत्त को एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया की हरियाणा ब्रांच ने बेस्ट यंग फार्मेसी टीचर अवॉर्ड-2015 से सम्मानित किया। उन्हें यह अवार्ड महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक द्वारा द्वितीय नेशनल कन्वेंशन में दिया गया।
बता दें कि एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया की हरियाणा ब्रांच द्वारा यह अवार्ड हर वर्ष प्रदेश के फार्मेसी टीचर के उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। डॉ. रोहित दत्त ने फार्मेसी रिसर्च के क्षेत्र में योगदान देते हुए विभिन इंटरनेशनल जर्नलस व बुक्स में शोधपत्र प्रकाशित किए हैं। डॉ. रोहित दत्त ने एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर प्रोग्राम भी बनाया है, जो नई दवाओं के खोज में सहायक सिद्ध हो सकता है। इसके अलावा डॉ. रोहित दत्त कंप्यूटर एडिड ड्रग डिजाइन के माहिर साइंटिस्ट के रूप में एंटी कैंसर ड्रग रिसर्च में लगे हुए हैं। एक अच्छे शोधकर्ता होने के साथ वह दस वर्ष से एक अच्छे फार्मेसी अध्यापक की भूमिका भी निभा रहे हैं। उनके व्यक्तित्व रिसर्च व शिक्षण क्षमता को देखते हुए उनको यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक के वाइस चांसलर सुधीर राजपाल, चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर गखर, प्रेसिडेंट एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया महेश बुरांडेय, प्रेसिडेंट इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन व डिप्टी ड्रग कंट्रोलर दिल्ली अतुल नासा, प्रेसिडेंट इंडियन फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन हरियाणा धीरेंद्र कौशिक व अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दिया गया। प्रो. रोहित दत्त ने अवार्ड का श्रेय अपने गुरु डॉ. एके मदान व डॉ. गजेंद्र सिंह डीन व हेड पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, रोहतक को दिया। डॉ. रोहित दत्त ने कहा की गुरुओं की कार्य क्षमता को देख उन्हें और अच्छा काम करने की शक्ति मिलती है। इस अवसर पर डॉ. रोहित दत्त ने गुरु नानक शिक्षण संस्थाओं के चेयरमैन भूपिंद्र सिंह जौहर का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि ये पुरस्कार उनके साथ और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं था। कॉलेज लेवल पर रिसर्च करने के लिए चेयरमैन भूपिंद्र सिंह जौहर हर संभव सहायता करते हैं। सरदार भूपिंद्र सिंह जौहर ने डॉ. रोहित दत्त की उपलब्धि को सराहते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है। गुरुनानक खालसा कॉलेज मैनेजमेंट समिति रिसर्च के लिए टीचर्स व स्टूडेंट्स को भविष्य में भी सुविधाएं प्रदान करती रहेगी।