फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए करना होगा इंतजार

Mon, 29 Sep 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
तेजली खेल परिसर। आर्काइव
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। तेजली खेल परिसर में आने वाले हॉकी के खिलाड़ियों को सरकारी स्तर पर एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा है। एस्ट्रोटर्फ मैदान को लेकर अभी तक विभागीय औपचारिकताएं ही नहीं पूरी हो पाई। हालांकि यह मैदान पांच साल पहले मंजूर हुआ, परंतु अब भी इसके निर्माण के लिए टेंडर नहीं हो पाया है। इसके एस्टीमेट पर पीडब्ल्यूडी के चीफ आर्किटेक्ट से हरी झंडी का इंतजार है।
खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से एस्ट्रोटर्फ मैदान का एस्टीमेट रिवाइज किया गया है। अभी जिले के करीब 150 हॉकी के खिलाड़ी तेजली खेल परिसर में बने घास के खस्ता हाल मैदान पर अभ्यास करने पर मजबूर हैं। इनके खेल सफर में सरकारी स्तर पर एस्ट्रोटर्फ मैदान की दरकार रोड़ा अटकाती दिखती है। हालांकि कई खिलाड़ी एस्ट्रोटर्फ मैदान की कमी के बावजूद राज्य व राष्ट्र स्तर पर जिले का नाम चमका रहे हैं।
विज्ञापन


भारतीय टीम में लंबे समय तक खेलीं व वाइस कप्तान रहीं ओलंपियन दीपिका ठाकुर भी यमुनानगर से हैं। इसके अलावा करीब 30 खिलाड़ी राष्ट्र स्तर के हैं। वहीं जिले के कई खिलाड़ी एस्ट्रोटर्फ मैदान की दरकार देख चंडीगढ़, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला में अभ्यास करने के लिए मजबूर हैं। इनमें कइयों का खेल में बेहतर होने के बावजूद उनके प्रदर्शन का पूरा श्रेय यमुनानगर को नहीं मिल पा रहा है।

एस्ट्रोटर्फ मैदान की खासियत
यह मैदान पूरी तरह समतल होता है। इसमें कृत्रिम घास लगाई जाती है, जो साधारण घास की अपेक्षा अधिक मजबूत होती है। इस घास की मिट्टी में पकड़ मजबूत होती है, जिससे खेल के दौरान यह उखड़ती नहीं है। यही नहीं, खेल के दौरान मैदान पर गड्ढे होने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। इसके बनने से सीधा फायदा जिले के उन खिलाड़ियों को होगा, जो एस्ट्रोटर्फ की अभ्यास के चलते राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा प्रदर्शन न होने से खेले में आगे बढ़ने से वंचित रह जाते हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि उनका अभ्यास घास के खस्ताहाल मैदान पर होता है, परंतु राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं एस्ट्रोटर्फ मैदान पर होती हैं। जिस पर खेलने का अभ्यास व अनुभव न होने से प्रदर्शन पर असर पड़ता है।
विज्ञापन

पहले हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए प्रपोजल भेजा गया था, परंतु यह अभी तक बन नहीं पाया है। इसके निर्माण के लिए प्रपोजल पीडब्ल्यूडी के चीफ आर्किटेक्ट के पास भेजा है। मंजूरी के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें