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Yamuna Nagar News: वन्य प्राणी विभाग करेगा कलेसर नेशनल पार्क की देखरेख

Mon, 08 Sep 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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कलेसर नेशनल पार्क। आर्काइव
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सुरेश सैनी
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यमुनानगर। हरियाणा के सबसे बड़े कलेसर नेशनल पार्क को लेकर सरकार ने बड़ा फेरबदल किया है। अब यह पूरा सेंचुरी पार्क वन विभाग के पास नहीं रहेगा। इसे शनिवार को वन्य प्राणी विभाग को सौंप दिया गया है। कलेसर जंगल के 11,570 एकड़, वन्य प्राणी विहार के 13,209 एकड़ और नगली वन प्राणी क्षेत्र 222.65 एकड़ की सुरक्षा का जिम्मा वन्य प्राणी विभाग का होगा।
वर्ष 1994 में अंबाला से अलग होकर यमुनानगर वन विभाग अलग डिवीजन बना। इन 31 सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब कलेसर नेशनल पार्क को वन्य प्राणी विभाग को सौंप दिया गया। अब इसकी सुरक्षा को लेकर प्रश्न चिन्ह भी लग गया है। वन्य प्राणी विभाग के पास स्टाफ कम है। मात्र इंस्पेक्टर सहित चार गार्ड यहां कार्य कर रहे।
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वर्तमान में वन्य प्राणी विभाग पर जंगल में विचरण करने वाले वन्य प्राणियों की सुरक्षा का भी जिम्मा है। वहीं अब इन जंगलों में खड़े बेशकीमती खैर के पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। ऐसे में खैर के पेड़ों को काटने वाले तस्करों को पकड़ना वन्य प्राणी विभाग के लिए मुश्किल होगा। उधर वन विभाग में वर्तमान में 218 में से 128 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में वन विभाग अभी तक खैर के पेड़ों चोरी पर काफी अंकुश लगा चुका था। जिले में चार रेंज हैं इनमें कलेसर, छछरौली, साढौरा व जगाधरी शामिल है। इनमें जंगल की रखवाली के लिए वन रक्षकों की जरूरत होगी। जंगल में नील गाय, जंगली सुअर, बंदर, जंगली हाथी, जंगली बिल्ली, तेंदुआ के अलावा और भी कई वन्य प्राणी रहते हैं। बिना कर्मचारियों के वन्य प्राणी विभाग को घने जंगल में गश्त करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं खैर तस्करों की घुसपैठ भी अधिक बढ़ जाएगी। संवाद
किस रेंज में कहां-कहां जंगल
जिले में कलेसर रेंज में नागलपती, खिलावाला, कांसली, सेंचुरी व मांडेवाला आदि जगह पर छोटे-बड़े जंगल हैं। इसी तरह छछरौली रेंज में चिकन, ताहरपुर, नगली, इब्राहिम, जसांवाला के अलावा साढौरा रेंज में छोटे-बड़े 20 जंगल हैं। बिलासपुर ब्लॉक में मलिकपुर बांगर, राइयांवाला, बिलासपुर, संधाय, रामगढ़ आदि जंगल हैं।
वन विभाग की नर्सरियां नहीं होंगी हैंडओवर

वन विभाग की जिले में 18 नर्सरियां हैं, जिनमें 84 प्रकार की प्रजातियों के पौधों की पौध तैयार होती हैं। ये नर्सरियां वन्य प्राणी विभाग को हैंड ओवर नहीं होगी। इन नर्सरियों में पौधरोपण के लिए पौधे तैयार किए जाते हैं। इनमें नीम, बरगद, पीपल, पिलखन, कट सागवान, पपरी, कुसुम, चौकरसिया, मोलसिरी, बाकेन, बहेरा, शीशम, सफेदा, पोपुलर, रोहेरा, तून, टीक, सिबल, अर्जुन, खैर, कीकर, डैंक, जंगल जलेबी, खैरी, फ्रांश, गुलमोर, सिल्वर ओक, आम, जामुन, अमरूद, अनार, ईमली व पपीता आदि प्रजातियां शामिल हैं।
किस रेंज में कितनी बीट

जगाधरी रेंज की बात करें तो इसमें कलानौर, मानकपुर, दादूपुर, मुजादवाला, छप्पर, जगाधरी, गुंदियाना, रादौर, हरनौल व यमुनानगर ईस्ट बीट हैं। कलेसर रेंज में चिकन, कलेसर, खिजरी, खिलांवाला, मुजाफ्त, अंबवाली, प्रतापनगर, मांडेवाला व ताजेवाला बीट हैं। साढौरा रेंज में बिलासपुर, मलिकपुर बांगर, धनौरा, काठगढ़, सुंदर बहादुरपुर, असगरपुर, सेलपुर, चाहड़वाला, साढौरा व ठसका बीट हैं। वहीं छछरौली रेंज में छछरौली, चिकन नोर्थ, डारपुर, इंब्राहिपुर, बनसंतोर, कोट, नगली बांगा व नगली संडान बीट हैं।
सरकार के आदेश का पालन करते हुए पूरी सेंचुरी सहित कलेसर नेशनल पार्क हैंड ओवर कर दिया गया है। अन्य आदेश होंगे, उन पर अमल किया जाएगा। - संदीप सिंह सैनी, डीएफओ, वन विभाग यमुनानगर।
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वन विभाग की ओर से शनिवार को हमें पूरी सेंचुरी सहित कलेसर नेशनल पार्क सौंप दिया गया है। एरिया कई गुना होेने से चुनौती भी बड़ी है। हालांकि कर्मचारियों का अभाव है। जल्द ही और कर्मचारी भी मिल जाएंगे। -लीलू राम, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग यमुनानगर।
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