प्रतापनगर। गर्मी बढ़ते ही वन्य प्राणी विभाग भी सतर्क हो गया है। गर्मी में वन्य प्राणी पानी से प्यासे नहीं रहेंगे। विभाग की तरफ से 11590 एकड़ क्षेत्र में फैले राष्ट्रीय उद्यान कलेसर जंगल में रोजाना 15 हजार लीटर से अधिक पानी वहां बने छोटे-बड़े होदों में पानी को भरा जाने लगा है। ऐसे में वन्य प्राणियों को पानी के लिए जगह-जगह नहीं भटकना पड़ेगा। बकायदा होदों पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की मूवमेंट को बढ़ा दिया गया है ताकि होद में पानी अगर कम भी हो उसे भरा जा सके।
उल्लखेनीय है जैव-विविधता और पारिस्थितिक स्थिरता के मामले में कलेसर राष्ट्रीय उद्यान का बहुत महत्व है। जैव-विविधता की दृष्टि से यह अनेक औषधीय पौधों का भंडार है। इसमें तेंदुआ, घोरल, बार्किंग हिरण, सांभर, चीतल, अजगर, किंग कोबरा, मॉनिटर छिपकली आदि जैसे कई खतरे वाले जानवर रहते हैं। कभी-कभी बाघ और हाथी उत्तरांचल में स्थित राजाजी नेशनल पार्क से इस पार्क में आते हैं
दिक्कत आने पर सिंबलवाड़ा की तरफ करते हैं रुख
हालांकि कलेसर के वन्य प्राणियों के विभाग की तरफ से होदों को रूटीन में भरा जाने लगा है। लेकिन कई बार जब भी ज्यादा दिक्कत आती है तो वन्य प्राणी कलेसर जंगल के साथ लगते 100 मीटर दूर सिंबलवाड़ा की तरफ बने तालाब की तरफ रुख कर लेते हैं। बता दें वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए दो बड़े पक्के तालाब, पांच गजलर,10 छोटे होद (तालाब) हैं।
जिनमें हर रोज टैंकरों द्वारा पानी भरा जाता है। इनमें जानवर आराम से पानी पी सकते हैं। वहीं बड़े तालाब में हाथी जैसे बड़े जानवर भी पानी पीने के साथ-साथ स्नान भी कर सकते हैं। वन्य प्राणी विभाग की तरफ से वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए गर्मी के सीजन में पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। कलेसर नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों को देखने के लिए वन विभाग की ओर से जंगल सफारी की शुरूआत हुई थी। इसके तहत जंगल में घूमने जाने के लिए वन्य प्राणी विभाग के कार्यालय से टिकट खिड़की भी शुरू की हुई है। जहां से पर्यटक टिकट बुक करवाकर जंगल में घूमने जा सकते हैं।
वर्जन
गर्मी के सीजन को देखते हुए कलेसर जंगल में बने होदों में रोजाना 15 हजार लीटर से अधिक पानी भरा जा रहा है। इसके अलावा होदों की सफाई भी कराई जा चुकी है। जो बड़े होद हैं उनमें जमीं काई को साफ किया जा रहा है। वन्य प्राणियों को पानी के लिए भटकना पड़े इंतजाम किये जा रहे हैं।
-सुनील, इंस्पेक्टर वन्य प्राणी विभाग कलेसर।