संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए करीब दो माह पहले आई व्हील चेयर की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। हालात यह हैं कि व्हील चेयर टूटने भी लग गई। किसी व्हील चेयर का पहिया टूट चुका है तो किसी के पहिये पर चढ़ी रबड़ ही निकल गई है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीज व्हील चेयर पर बैठकर आना-जाना भी नहीं कर रहे। जिस व्हील चेयर को चलाकर मरीज कहीं भी ले जा सकता है, उसे परिजनों को धक्का मार कर ले जाना पड़ रहा है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल का 200 बेड का नया भवन 105 करोड़ रुपये से बनाया गया है। हरियाणा मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) की तरफ से यहां फर्नीचर व मेडिकल सामान भेजा गया है।
सितंबर में सामान की डिलीवरी शुरू हुई थी। इस सामान में बेड, बेड के गद्दे, सेमी फॉलर बेड, ग्लूकोज की बोतल लटकाने के लिए आईवी स्टैंड, कॉर्डिएक टेबल, स्ट्रेचर, बेड साइड लॉकर, मेडिसन ट्रॉली, क्रैश कार्ड, टेबल, विजिटर चेयर व 50 से ज्यादा व्हील चेयर भेजी गई थी। व्हील चेयर अक्तूबर माह में ही आई हैं। अब व्हील चेयर टूटनी भी शुरू हो गई हैं।
दरअसल सभी व्हील चेयर के पहियों में दिक्कत है। जब मरीज इन पर बैठकर धक्का मारते हैं तो पहियों के ऊपर चढ़ी रबड़ बार-बार उतर जाती है। कभी एक पहिये की रबड़ उतर जाती है तो कभी दोनों की। संतुलन बिगड़ने के कई बार मरीज व्हील चेयर से गिर भी चुके हैं।
रोजाना 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। काफी मरीज ऐसे होते हैं जो चलने में असमर्थ होते हैं या फिर उन्हें भर्ती करना पड़ता है। वहीं सर्जरी के बाद भी मरीजों को चेकअप या फिर पट्टी आदि के लिए व्हील चेयर पर ही ले जाना पड़ता है। परंतु घटिया क्वालिटी की व्हील चेयर से मरीजों की परेशानी अब पहले से भी ज्यादा बढ़ गई है। जिला अस्पताल में व्हील चेयर, स्ट्रेचर व अन्य सुविधाएं न होने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था। जिसके बाद अस्पताल में व्हील चेयर व स्ट्रेचर आए।