संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले की मंडियों में हर दिन गेहूं की आवक बढ़ रही है। आवक बढ़ने के साथ खरीद में भी तेजी आई है। वहीं उठान धीमा होने से मंडियां गेहूं की बोरियों से अटी पड़ी हैं। हालात ऐसे हैं कि फड़ से शेड तक गेहूं के कट्टे पड़े हैं। किसानों को गेहूं सुखाने की जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले के 13 मंडियों में कुल 185752.57 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। इसके साथ खरीद एजेंसियों की ओर से कुल 161406 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी है। जिले की मंडियों में 50 हजार से ज्यादा कट्टे पड़े हैं। इसे लेकर किसानों में काफी रोष है। अब तक जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 44652.4 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। हैफेड ने 89570 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी है। इसी तरह हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन 27183 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
इस दौरान व्यासपुर मंडी में 20730 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई है। छछरौली अनाज मंडी में 17282 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई है। इसके अलावा गुमथला राव में कुल 3328 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। वहीं, शहर की जगाधरी अनाज मंडी में 26731 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी गई है। जठलाना अनाज मंडी में 2150 मीट्रिक टन, खारवन में 2512 मीट्रिक टन, प्रतापनगर में 12914 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर में 31862 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।
रादौर मंडी में 20993 मीट्रिक टन, रणजीतपुर में 6543 मीट्रिक टन, रसूलपुर में कुल 5563 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। वहीं, साढौरा में कुल 10629 मीट्रिक टन और सबसे कम यमुनानगर अनाज मंडी में कुल 167 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस दौरान डीसी प्रीति ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में पेयजल व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, बिजली व्यवस्था इत्यादि का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसानों को अपनी गेहूं की उपज को बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आएं।
जगाधरी अनाज मंडी में उठान न होने से अटी मंडी। संवाद