जगाधरी। जिले में बिना अनुमति चल रहे स्कूलों पर ताला लगाने का शिक्षा विभाग ने मन बना लिया है। शिक्षा निदेशालय ने पत्र जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर बिना अनुमति चल रहे अमान्य स्कूलों पर दो दिन में कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। वहीं निदेशालय ने आरटीई में सही जानकारी न देने व सीटें न बताने वाले स्कूलों पर भी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है।
जिले में 47 स्कूल बिना अनुमति के चल रहे हैं। इन स्कूलों की जिला शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष सूची तैयार की थी। सूची में जिले के 47 स्कूलों का शामिल किया गया था। निदेशालय ने इन स्कूलों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन बाद बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निदेशालय ने इन विद्यालयों को एक वर्ष की अस्थायी मान्यता दे दी थी।
इसके बाद निदेशालय ने पत्र जारी किया था, जिसमें सभी जिला अधिकारियों को ओदश दिए गए थे कि बिना मान्यता चल रहे स्कूलों में दाखिला न होने दिए जाएं। परंतु नए सत्र में इन स्कूलों में फिर से दाखिले किए। निदेशालय ने इन स्कूलों का एमआईएस पोर्टल भी बंद कर दिया, लेकिन सभी स्कूलों में दाखिला चलते रहे। यही नहीं अभी तक इन स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं। वहीं, जिले के 25 स्कूलों ने आरटीई के तहत जानकारी नहीं दी है।
अब निदेशालय ने पत्र जारी कर इन स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। वहीं, विभाग को दो दिन में इन स्कूलों पर की कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय को देनी होगी। परंतु अभी दो दिन अवकाश है, ऐसे में इन स्कूलों की जांच व कार्रवाई मंगलवार तक को होगी। शनिवार व रविवार को शिक्षा विभाग का अवकाश रहता है। इस पर कार्रवाई सोमवार से शुरू की जाएगी। मंगलवार शाम तक विभाग को अपनी कार्रवाई करके तैयार रिपोर्ट निदेशालय भेजनी है। संवाद
शहर में हैं सबसे ज्यादा अमान्य स्कूल
जिले में अमान्य स्कूलों की सबसे ज्यादा संख्या शहर में है। यह हालात तब हैं, जब यहां जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, उपजिला शिक्षा अधिकारी, उपजिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी बैठते हैं। सूची के अनुसार छछरौली खंड में दो स्कूल, रादौर व सरस्वतीनगर में दो-दो, साढ़ौरा में चार, बिलासपुर में छह, प्रतापनगर में पांच स्कूल हैं। वहीं, शहर में सबसे ज्यादा 26 स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। शहर की पुराना हमीदा कॉलोनी में ही नौ व जगाधरी शहर में छह ऐसे स्कूल बिना अनुमति के चल रहे हैं। जिले में चल रहे इन 47 अमान्य स्कूलों में से 37 पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से चल रहे हैं। वहीं दस स्कूलों के पास केवल कुछ कक्षाओं की मान्यता हैं, लेकिन यह पहली से 12वीं तक कक्षाएं लगा रहे हैं। इन स्कूलों में 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
जिले में बिना अनुमति व अवैध रूप से चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई करने के निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं। गैरकानूनी तौर पर चल रहे तमाम स्कूलों पर ताला लगाया जाएगा। सोमवार से इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।