यमुनानगर। जगाधरी अनाज मंडी में पंजाब सरकार के कट्टों में गेहूं के भरान से कई सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि मामले से जिम्मेदार अधिकारी भी अंजान हैं। यह स्थिति तब है जबकि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि मंडियों में बारदाने की कोई कमी नहीं है।
जगाधरी अनाज मंडी में शुक्रवार को मजदूर लगातार पंजाब सरकार के कट्टों में गेहूं भरने में लगे थे। पूछताछ में मजदूरों ने बताया कि गेहूं डालने के लिए बोरी नहीं मिल रही थी, इसलिए जो कट्टे आढ़ती ने दिए हैं उनमें गेहूं भर रहे हैं। उन्हें नहीं पता यह कट्टे किस सरकार के हैं। पंजाब सरकार के कट्टों में गेहूं भरे जाने पर लोगों ने सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं चोरी छिपे इन कट्टों में गेहूं को पंजाब या कहीं और भेजा जा रहा है।
बारिश के बाद थमी फसल की कटाई, मंडी में भीगी गेहूं की बोरियां
दो दिन से रूक-रूक कर हुई बारिश से खेतों में गेहूं फसल की कटाई कम हो गई है। इसका असर सीधे मंडियों में आने वाली गेहूं पर पड़ा है। वीरवार रात 11 बजे के बाद जिले में अच्छी बारिश हुई। अनाज मंडियों में खुले में रखी हजारों बोरियां बारिश के पानी से भीग गई। रात को पौने 10 बजे के बाद तेज हवा चलने लगी। अंधड़ चलने से मंडियों में काम कर रहे मजदूरों ने भी शेड के नीचे शरण ली। बिना तिरपाल के रखी गेहूं बारिश के पानी में भीग गई। सुबह होने पर मजदूर बोरियों के बीच जमा बारिश के पानी को निकालते दिखे। वहीं गेहूं की जो बोरियां भीग गई थी, उन्हें भी दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया ताकि उनका उठान किया जा सके।
198620 एमटी गेहूं की हुई खरीद
जिले की 13 अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जा रही है। अनाज मंडियों में अब तक 200119 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। गेट पास कटने के बाद 198620 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 83226 एमटी, हैफेड ने 108736 एमटी व हरियाणा वेयरहाउस कार्पोरेशन ने 6658 एमटी गेहूं की खरीद की है। खरीदी गई गेहूं में से 60 प्रतिशत का उठान हो चुका है। सभी मंडियों से 117546 एमटी गेहूं उठाया जा चुका है। मंडियों में अभी भी 81074 एमटी गेहूं शेड व खुले में रखा हुआ है।
किसी आढ़ती ने प्राइवेट खरीद की होगी : अशोक कुमार
डीएफएससी अशोक कुमार ने बताया कि जिले में बारदाने की कोई कमी नहीं है। जरूरत से ज्यादा बारदाना हमारे पास है। पंजाब सरकार के कट्टों में गेहूं भरने का मामला संज्ञान में नहीं है। हो सकता है किसी आढ़ती ने गेहूं की प्राइवेट खरीद की हो। बारिश की वजह से मंडियों में गेहूं की आवक कम जरूर हुई है। उठान भी तेजी से किया जा रहा है।