संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है। अभी मंडियों में गेहूं आना शुरू नहीं हुआ। वहीं जिला प्रशासन की ओर से मंडियों में गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी होने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं अभी तक मंडियों से गेहूं की उठान के लिए कोई तैयारी नहीं है। गेहूं उठाने के लिए लगने वाले ट्रकों का रेट अभी तक भी तय नहीं हो पाया है। मामला राज्य स्तर पर बनी कमेटी के पास अटका है।
जिले में हर बार की तरह इस बार भी 13 अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद होगी। गत वर्ष मंडियों में 299206 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार आंकड़ा तीन लाख मीट्रिक टन के पार जाने की संभावना है। मंडियों में जो गेहूं खरीदा जाएगा, उसकी उठान के लिए 310 ट्रक लगाए जाने हैं। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने टेंडर भी लगा दिया है।
मंडी से गोदामों व रेलवे स्टेशन तक गेहूं पहुंचाने के लिए ट्रकों को प्रति किलोमीटर की दर से कितना किराया दिया जाएगा इसका निर्णय राज्य स्तर पर बनी कमेटी करती है। इससे पहले जिला स्तर पर बनी कमेटी इसे अपनी मंजूरी देती है। जिलास्तरीय कमेटी ने रेट निर्धारित करने के लिए अपना प्रस्ताव राज्य कमेटी को भेजा हुआ है, जहां से इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
सबसे ज्यादा गेहूं की आवक जगाधरी, प्रतापनगर, सरस्वतीनगर, रादौर व छछरौली अनाज मंडियों में होती है। इसलिए जगाधरी, प्रतापनगर व रादौर मंडियों में 40-40 ट्रक गेहूं की उठान के लिए लगाए जाएंगे। जिन मंडियों में गेहूं की खरीद 10 हजार एमटी से नीचे रहती है उनमें 10-10 ट्रक व इससे ज्यादा खरीद वाली मंडियों में 20 से 30 ट्रक लगाए जाएंगे।
90 हजार हेक्टेयर में लहलहा रही फसल
इस बार जिले में 90 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लहलहा रही है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल लगभग पक कर तैयार हो चुकी है। किसान इस इंतजार में हैं कि थोड़ी धूप और लग जाए ताकि गेहूं में नमी की मात्रा कम हो सके। इससे उन्हें मंडियों में गेहूं बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी। कटाई न होने के कारण अभी मंडियों में भी गेहूं नहीं आ रही है। 10 अप्रैल के आसपास मंडियों में गेहूं की आवक शुरु होने की उम्मीद है।
निर्णय लेती है राज्य कमेटी : डीएफएससी
डीएफएससी जीतेश गोयल का कहना है कि अनाज मंडियों से गेहूं की उठान के लिए 300 से अधिक ट्रक लगाए जाएंगे। इसका टेंडर किया जा चुका है। जिलास्तरीय कमेटी ट्रांसपोर्ट का रेट निर्धारित करके अप्रूवल के लिए राज्यस्तरीय कमेटी के पास भेज चुकी है। आजकल में यह फाइनल हो जाएगा।