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Yamuna Nagar News: बारिश और तेज हवा से खेताें में बिछी गेहूं की फसल

Mon, 16 Mar 2026 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद  - फोटो : samvad
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कैथल। जिले में रविवार को मौसम अचानक सुहावना हो गया। सुबह के समय ठंडी हवाएं चलने से लोगों को हल्की ठंड का एहसास हुआ, जबकि दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए।
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करीब तीन बजे के आसपास आसमान में बादलों की चादर छा गई जिसके के कारण दिन में ही अंधेरा हो गया । मौसम में परिवर्तन आने से लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को दोपहर बाद क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओले पड़ने के कारण कई गांवों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई।
जानकारी के अनुसार जिले में सुबह के समय ठंडी हवाओं चलने से मौसम सुहावना बना रहा। दिन चढ़ने के साथ तापमान में बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छाने लगे और कुछ ही देर में वातावरण पूरी तरह से बदल गया। आसमान में बिजली कड़की बादलों के साथ जिले के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम के विभाग के अनुसार ठंडी हवाएं 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन के समय जहां अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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अचानक अंधेरा छाने और बूंदाबांदी शुरू होने के कारण बाजार में आवाजाही कम हो गई । मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। इसके चलते आसमान में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की स्थिति बनती है। उन्होंने बताया कि आने वाले एक-दो दिनों में भी मौसम का मिजाज इसी तरह बदल सकता हैं । हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। संवाद कलायत में सड़कों पर जमा हुआ पानी
कलायत। कस्बे में सायंकाल में करीब 4 बजे अचानक आसमान पर गहरे काले बादल छा गए और बरसात के साथ साथ ओले भी पडऩे लगे।
देखते ही देखते ओलों से भूमि सफेद नजर आने लगी। करीब 20 मिनट की बारिश से ही नगर का कपिल मुनि रोड़ जलमग्न हो गया। नालों का पानी सड़कों पर जमा हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश और ओलों का सबसे ज्यादा असर गेहूं के साथ-साथ सरसों और अगेती सब्जियों की फसलों पर देखने को मिल रहा है।
तेज हवाओं के कारण सरसों की फलियां झड़ गई हैं टमाटर और अन्य अगेती सब्जियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि इस समय फसलें पकने के अंतिम चरण में थीं ऐसे में पानी और ओलों की मार सीधे तौर पर उनके मुनाफे पर चोट कर रही है। क्षेत्र के किसान राजेंद्र कुमार, गोपाल और अमित कुमार ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल में बालियां पकने की कगार पर थीं।
किसानों ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बना रहा और तेज हवाएं चली तो उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा।
उन्होंने प्रशासन से फसलों के रेट बढ़ाने और खराब हुई फसलों के विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग की है। उपमंडल अभियंता जितेंद्र कुमार ने कहा कि अपने खेतों में थोड़े से सुरक्षा कदम उठा कर दुर्घटनाओं के अंदेशे को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसान अपने खेत में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के चारों ओर कम से कम 10 फुट क्षेत्र को पूरी तरह साफ रखें। वहां से सूखी फसल, घास-फूस, पराली या अन्य ज्वलनशील सामग्री को हटा दें।

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

करनाल रोड़ से बारिश से निकलते वाहन    संवाद - फोटो : samvad

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