सप्ताहभर धूप-छांव के दौर के बाद मौसम ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार सुबह से ही सूरज की तेज धूप ने शहर को तपाने का काम किया। दोपहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तपिश के साथ दिनभर चली गर्म हवाओं ने भी खूब कहर बरपाया। मौसम विभाग की मानें तो आगे पूरा सप्ताह ऐसा ही रहेगा।
सप्ताहभर से जहां दो दिन हल्की बूंदाबांदी और तीन दिन आसमान में बने बादलों से धूप-छांव का दौर रहा, वहीं रविवार को एक बार फिर मौसम ने कड़े तेवर दिखाए। सुबह 11 बजे ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। इसके बाद हर घंटे एक-एक डिग्री पारा बढ़ता चला गया और दिन का सबसे अधिक तापमान दोपहर तीन बजे 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जबकि रविवार का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्यिस रहा। तेज धूप के साथ 13 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। गर्मी के सितम के मारे अधिकतर लोग घरों या ऑफिस में ही दुबके रहे। दोपहर के समय सड़के सुनसान दिखीं। ज्यादा जरूरी काम पड़ने पर भी लोग मुंह-सिर व हाथ को पूरी तरह कपड़ों से ढककर ही निकलते दिखाई दिए। इस बीच ज्यादा परेशानी सड़क से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों व राहगीरों को हुई, जिन्हें सड़क पर लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ा।
तापमान के साथ बढ़ी मरीजों की संख्या: गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ ही सिविल अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। यदि सिविल अस्पताल की बात करें तो दो दिन से रोजाना करीब 1200 ओपीडी दर्ज की गई हैं। निजी अस्पतालों में भी ऐसा ही हाल है।
चिकित्साकों की मानें तो गर्मी में पसीना छूटने से शरीर में एनर्जी और ग्लूकोज लेवल कम हो जाता है। इस लेवल को दिन में कम से कम 12 से 15 गिलास पानी, शिकंजी, ग्लूकोज या फिर फ्रूूट जूस के सेवन से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा गर्मी में नजला-जुखाम व सर्द-गर्म, डिहाइड्रेशन के अलावा ब्लड प्रेशर कम होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में समय पर भोजन के साथ योगा व व्यायाम करें। अधिक दिक्कत होने पर चिकित्सक के संपर्क करना चाहिए।
सप्ताहभर यूं ही रहेगा गर्मी का प्रकोप:-
08 जून - 44 डिग्री
09 जून - 45 डिग्री
10 जून - 44 डिग्री
11 जून - 44 डिग्री
12 जून - 43 डिग्री
13 जून - 46 डिग्री
14 जून - 44 डिग्री
(तापमान डिग्री सेल्सियस में दिया गया ह्रै)
गर्मी का सेहत पर असर
-गर्मी में नजला-जुखाम और सर्द-गर्म होने की संभावना बढ़ जाती है।
-गर्म हवाओं के संकर्प में रहने से त्वचा रूखी पड़ने लगती है।
-गर्म हवाओं के संकर्प में रहने से आंखों में जलन होने लगती है।
-पसीने से एनर्जी और ग्लूकोज लेवल कम हो जाता है।
-ब्लड प्रेशर कम होनेे की संभावना बढ़ जाती है।
-डिहाइड्रेशन होने के आसार अधिक हो जाते हैं।
गर्मी में ये उपाय करें
-दिन में कम से कम 12 से 15 गिलास पानी पीना जरूरी।
-पानी के साथ ही ग्लूकोज, नींबू पानी या फलों के जूस लें।
-धूप में निकलने से बचें, यदि बाहर जाएं तो मुंह और सिर पर कपड़ा बांधकर रखें।
-धूप के संपर्क के बाद घर या ऑफिस लौटने पर सीधे एसी के आगे न बैठें-
-धूप के संपर्क के बाद घर या ऑफिस लौटने पर कुछ देर बाद पानी पिएं।
-समय पर भोजन करने के साथ योगा और व्यायाम करें।