संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार ने खेतों में खड़े पेड़ों की कटाई के लिए नए अध्यादेश जारी किया है। जिसमें किसानों को पेड़ों का पोर्टल पर विवरण देना होगा व कटाई के लिए वन विभाग से मंजूरी लेनी होगी। किसानों से नए अध्यादेश का विरोध करने का एलान कियाहै।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री रामवीर सिंह चौहान ने बताया कि यह अध्यादेश किसानों के लिए परेशानी खड़ी करने वाला है, क्योंकि किसान पोर्टल नीति से पहले ही परेशान है। यदि प्रदेश की बात की जाए तो यमुना नदी के साथ लगते क्षेत्र में पॉपुलर की खेती बड़े स्तर पर होती है। यह खेती किसानों ने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए शुरू की थी। यदि पर्यावरण मंत्रालय कटाई को लेकर कोई कानून थोपती है तो किसान पॉपुलर की खेती से विमुख हो जाएगा।
पर्यावरण मंत्रालय का यह कानून भारतीय किसान संघ न मंजूर करता है, क्योंकि इस कानून में इंस्पेक्टर राज की बू आ रही है। संघ इसको लेकर सभी जिलों के डीसी को पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेगा। यदि यह कानून वापस नहीं हुआ तो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। यह कानून पूरे भारत के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि किसान इस कानून के आने से पॉपुलर की खेती करना छोड़ जाएगा। किसान की आमदनी तो घटेगी ही पर्यावरण को भी नुकसान होगा।