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Yamuna Nagar News: सवा घंटे की बारिश से शहर में जलभराव, बढ़ी परेशानी

Sat, 07 Sep 2024 06:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। जिले में करीब सवा घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। जिससे शहर में कई जगह जलभराव हो गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले ऑवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। दो फीट से ज्यादा जमा पानी में से निकलने की लोग हिम्मत नहीं जुटा पाए। कई लोगों के वाहन ही पानी में बंद हो गए। दोपहर के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार आज सुबह भी बारिश हो सकती है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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जिले में सुबह से तेज धूप निकली हुई थी। करीब डेढ़ बजे आसमान में अचानक काले बादल उमड़ आए। ठंडी हवा चलने लगी। इससे पहले की लोग कुछ समझ पाते अचानक तेज बारिश होने लगी। मूसलाधार बारिश से धीरे-धीरे सड़कों व निचले इलाकों में पानी भरने लगा। सबसे ज्यादा पानी गोविंदपुरा रोड पर शक्ति नगर की तरफ जाने वाले रास्ते पर भरा। यहां नाला ओवरफ्लो हो गया और गंदा पानी सड़क पर जमा हो गया। लोग गंदे पानी से निकलने से कतराते रहे। कुछ बाइक सवारों ने यहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन वह बीच पानी ही बंद हो गई। नाले की गंदगी भी सड़क पर आ गई।
इसके अलावा ताऊ देवी लाल कांप्लेक्स की पार्किंग, मीराबाई बाजार, ओपी जिंदल पार्क के सामने, आजाद नगर रोड, जिला न्यायालय परिसर, लघु सचिवालय परिसर, यमुनानगर बस स्टैंड, सरोजिनी कॉलोनी, लाजपत नगर, महाराणा प्रताप चौक के पास, कन्हैया साहिब चौक, पंचायत भवन के सामने, जगाधरी बस स्टैंड, नगर निगम जगाधरी कार्यालय व गेट के सामने, अंबाला रोड और रक्षक विहार नाके पर पानी जमा हो गया। इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई।
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इस बारिश के फायदे व नुकसान दोनों : संजू गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है कि इस समय बारिश का फायदा व नुकसान दोनों ही है। बारिश होने से फायदा यह होगा कि फसलों में जो बीमारियां लगी हुई हैं उससे बचाव होगा। किसान को कीटनाशकों का छिड़काव कम करना पड़ेगा। वहीं 15 सितंबर के बाद आलू, सरसों व मूली की बिजाई जोर पकड़ लेगी। इस बारिश से खेत तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं अब धान की फसल पकने लगी है। 1509 किस्म की धान तो मंडियों में पहुंचने लगी है। अब यदि बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो धान की फसल खेतों में बिछ जाएगी जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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