फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: जलस्तर बढ़ा, हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोले

Wed, 23 Jul 2025 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

प्रतापनगर (यमुनानगर)। पहाड़ों और यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में हुई बरसात से सोमवार रात हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। रात 12 बजे बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 70,028 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। पानी का स्तर बढ़ने से बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। इससे यमुना नदी में उफान आ गया।
वहीं 12 बजे यमुना नदी में 54,708 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 13,310 क्यूसेक व यूपी की पूर्वी नहर में 2,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज से छोड़ा गया पानी अगले 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा। हालांकि अभी दिल्ली के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अभी बाढ़ नहीं आई है। बैराज पर जब जलस्तर एक लाख क्यूसेक तक पहुंचता है तभी मिनी फ्लड घोषित की जाती है।
विज्ञापन

राहत की बात यह रही कि रात 12 बजे के बाद बैराज पर नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा। मंगलवार शाम पांच बजे बैराज पर केवल 24,457 क्यूसेक पानी ही रह गया था। यमुना में उफान आने से इसके साथ लगते गांवों की चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि तेज गति से आया पानी फसलों के अलावा आबादी को भी नुकसान पहुंचाता है। कई बार तो लोगों को घरों की छतों पर शरण लेनी पड़ती है।
इस तरह हुआ जलस्तर में उतार-चढ़ाव
सोमवार रात 10 बजे बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 68,714 क्यूसेक, 11 बजे 65,644, रात 12 बजे 70,028, एक बजे 64,294, दो बजे 60,268, 3 बजे 57,077, मंगलवार तड़के चार बजे 49,245 क्यूसेक, सुबह पांच बजे 45,695 व छह बजे 48,943 क्यूसेक, सात बजे 47,301, आठ बजे 46,869, नौ बजे 39,894, 10 बजे 45,817, 11 बजे 47,994, दोपहर 12 बजे 44,291, एक बजे 46,591, दो बजे 36221, शाम चार बजे 32,415, पांच बजे 24,457 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। शाम पांच बजे बैराज से यमुना नदी में 9137 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना नहर में 13,310 क्यूसेक व यूपी की पूर्वी यमुना नहर में 2,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विज्ञापन

सोमवार रात 12 बजे बैराज पर जलस्तर 70,028 क्यूसेक दर्ज किया गया था। इसके बाद पानी कम होता चला गया। दिल्ली के लोगों को अभी डरने की जरूरत नहीं है। पहाड़ों में तेज बारिश होने से ही नदी का जलस्तर बढ़ता है। - विजय कुमार गर्ग, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें