प्रतापनगर। हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर में गिरावट से मैदानी क्षेत्रों में जल संकट की आशंका गहराने लगी है। पहाड़ी इलाकों में सीमित बर्फ पिघलने से ही पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि बारिश के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बैराज कार्यालय के अनुसार बुधवार सुबह 6 बजे जल प्रवाह 2563 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो 8 बजे बढ़कर 3752 और 10 बजे 4574 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई और 12 बजे 4051, दोपहर 2 बजे 3039, शाम 4 बजे 1917 तथा शाम 6 बजे घटकर 1809 क्यूसेक रह गया।
एक्सईएन विजय गर्ग ने बताया कि लंबे समय से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश नहीं होने के कारण जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। यदि जल्द वर्षा नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। घटते जलस्तर को लेकर स्थानीय किसानों और आम लोगों में चिंता बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि पानी की कमी से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यकता अनुसार कदम उठाने की बात कही है। संवाद