यमुनानगर। कई दिन से पड़ रही हाड़ कांप देने वाली ठंड वीरवार को बारिश के कारण और बढ़ गई। जिले में वीरवार को 20 एमएम. बारिश हुई। बारिश व कड़ाके की सर्दी का सामान्य जीवन पर काफी असर देखने को मिला। बारिश व ठंड से बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे। बारिश वीरवार अलसुबह ही शुरू हो गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहर में सुबह छह बजे बारिश शुरू हो गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ देर बाद बारिश शुरू हुई। बारिश का क्रम दिन भर चलता रहा।
दोपहर को बारिश रुकने से राहत मिली, जो कुछ देर की रही। करीब तीन बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई। जबकि शाम पांच बजे तेज बारिश होने लगी। वहीं बारिश के साथ चली तेज बर्फीली हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बारिश के कारण पारा लुढ़कने से सर्दी व ठिठुरनबढ़ गई। कड़ा के की सर्दी से जिंदगी ठिठुरती नजर आई। झमाझम बारिश से शहर की गलियां सड़कें से लेकर खेतों तक पानी भरा। नाले भरने से पानी बाहर बहने लगा और ओवरफ्लो सीवरेज घरों में बैक मारने लगे।
बारिश के कारण दिन में पारा लुढ़क कर 12 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रात में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बारिश के साथ ही 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बर्फीली हवा चली। ऐसे में कड़ाके की सर्दी के साथ ठिठुरन ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। कोरोना संक्रमण के कारण बाजार जल्दी बंद करने के आदेश हैं। वहीं पहले कड़ाके की सर्दी फिर वीरवार को बारिश व शीतलहर के कारण लोग घरों में दुबके रहे। दुकानदार राजकुमार, अनमोल, केतन, प्रतीक ने बताया कि संक्रमण के कारण दुकान जल्द बंद करनी पड़ती है। वहीं बारिश के कारण दुकानदारी ठप रही।
सीवरेज ओवरफ्लो, घरों में घुसा पानी
दिन भर बारिश होने से शहर की गलियां व नालियां पानी से भर गई। निचली कॉलोनियों में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। गलियों में निकासी न होने के कारण पानी घरों में घुस गया। कड़ाके की सर्दी और घरों में भरा पानी लोगों के लिए आफत बना रहा। ऐसे में कॉलोनियों के सीवरेज भी ओवरफ्लो होकर घरों में बैक मारने लगा। सीवरेज का पानी घरों में घुसने से बदबू और गंदगी के कारण बैठना तक मुश्किल हो गया। दोपहर साढ़े 12 बजे बारिश कम हुई, तो लोगों ने राहत की सांस ली। जबकि शाम को तेज बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।
बारिश से किसानों को सता रही फसलों की चिंता
इस सीजन में लगातार हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसान चिंतित हैं। किसान सरबजीत सिंह, अरविंद बाली, अमरीक सिंह ने बताया कि गेहूं में अभी बालियां नहीं आई है। इसलिए बारिश का फसल पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जबकि भारी बारिश के कारण सरसों के फूल सड़ जाने का खतरा है। आलू की 75 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। वहीं गाजर, मटर, पालक, गोभी इत्यादि की फसल भी इससे प्रभावित होगी। गेहूं व सरसों की करीब 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी ने बताया कि बारिश से खेत में पानी जमा होने से नुकसान होगा। किसानों को खेत से पानी निकास के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि फसलों को ज्यादा नुकसान न हो।
बारिश के साथ चली तेज हवा, खेतों में बिछ गई फसल
रादौर। बारिश से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। वीरवार को बारिश व तेज हवा चलने से गेहूं के साथ सरसों व गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश से सरसों की फसल में 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। जबकि गेहूं व गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। ऐसे में उन्होंने किसानों को खेतों में उचित जल निकासी का प्रबंध किए जाने की सलाह दी है। खंड कृषि विकास अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि बारिश से सरसों की फसल में 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। तेज हवा के कारण खेत में बिछी फसल से इसके उत्पादन के साथ गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। उन्होंने बताया कि बारिश से गेहूं की फसल 25 से 30 प्रतिशत प्रभावित हुई है। ज्यादा पानी सेगेहूं की फसल पीली पड़ जाएगी, जिस कारण उसका विकास रुक जाएगा। उन्होंने बताया कि तेज हवा से गन्ने की फसल गिर गई है, उसके सूखने के आसार है। ऐसे में उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी का उचित प्रबंध रखें।