संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। 105 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला नागरिक अस्पताल की छत से मंगलवार को पानी टपकने लगा। यह पानी शौचालयों के पाइप का था। गंदा पानी ब्लॉक-बी में प्रथम तल पर उस जगह टपका जहां मरीजों के रक्त के सैंपल लिए जाते हैं। शौचालय का पानी टपकने से यहां काम करने वाले स्टाफ व मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात ऐसे हो गए कि नीचे पानी एकत्रित करने के लिए बाल्टी रखनी पड़ी। गंदा पानी अस्पताल के फर्श पर काफी देर तक फैल गया। अस्पताल में टपक रहे पानी का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। जिला नागरिक अस्पताल का निर्माण दो साल पहले ही हुआ है। चार-चार मंजिल के दो ब्लॉक हैं। इसके अलावा तीन मंजिला सिविल सर्जन कार्यालय का भवन बना है।
इन तीनों इमारतों को बनाने पर 105 कराेड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अस्पताल के प्रथम तल पर छत से पानी टपका है। इसके ऊपर दो तल और हैं। इसलिए बारिश का पानी अंदर नहीं आ सकता। दरअसल अस्पताल का निर्माण करते समय इसमें बने शौचालयों के गंदे पानी की निकासी के पाइप छत के नीचे से ही निकाल दिए गए।
यह जिले का ऐसा पहला भवन है, जिसमें गंदे पानी के पाइप बाहर के बजाय छतों के नीचे से निकाले गए हैं। जब यह पाइप गंदगी से अट जाते हैं तो सारा गंदा पानी लीक होकर नीचे टपकने लगता है। कई बार तो ऐसा हो चुका है कि नीचे डॉक्टर मरीज की जांच कर रहे होते हैं और छत से गंदा पानी टपकने लगता है।
इससे डॉक्टरों व मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ। रक्त सैंपल लेने वाली जगह पर सुबह से ही गंदा पानी टपकता रहा। अंदर से पानी फैलता हुआ बाहर तक आ गया जहां पर मरीज अपने सैंपल की रिपोर्ट लेते हैं।