संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में 14 दिन से चली आ रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित होने के बाद नगर निगम के कर्मचारी दो दिन से कूड़ा उठवाने में लगे हैं। दिन-रात कूड़ा उठवाया जा रहा है, बावजूद इसके सड़कों पर कई जगह ढेर लगे पड़े हैं। सफाई कर्मचारी सुबह से ही शहर की सड़कों, कॉलोनियों और गांवों में जमा कचरे को उठाने में जुटे रहे।
हड़ताल के दौरान शहर की मुख्य सड़कों, पॉश क्षेत्रों, कॉलोनियों, गांवों की गलियों, घरों और सरकारी कार्यालयों के बाहर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे। हालात ऐसे हो गए थे कि लोगों को वहां से गुजरते समय मुंह पर कपड़ा ढकना पड़ रहा था। जगह-जगह फैली बदबू और गंदगी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 1500 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया था। हड़ताल स्थगित होने के बाद कर्मचारी लगातार सफाई कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लौटने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। बताया जा रहा है कि करीब 700 मीट्रिक टन कूड़ा अभी भी शहर में पड़ा हुआ है।
मंगलवार तक हालात पूरी तरह से सामान्य होने का अनुमान है। शनिवार को कई स्थानों पर सफाई कर्मचारी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के माध्यम से कूड़ा उठाते दिखाई दिए। हालांकि कॉलोनियों और सड़कों के किनारे अभी भी कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मुख्य सड़कों और बाजार क्षेत्रों की सफाई को दी जा रही है, इसके बाद कॉलोनियों और गांवों में अभियान तेज किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की कमी भी व्यवस्था बहाल करने में चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर जुटे हुए हैं। यूनियन प्रधान पपला ने बताया कि फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी गई है और सभी सफाई कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शहर को पूरी तरह साफ करने के लिए लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
सब्जी मंडी रोड पर सफाई करती महिला कर्मचारी। संवाद