संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालावड में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर का शनिवार को छठा दिन रहा। छठे दिन शिविर का शुभारंभ एनएसएस व राष्ट्रीय गीत से किया गया। इस दौरान में स्वयंसेवकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी राजीव कुमार ने स्वयंसेवकों को देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फूले के बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फूले न सिर्फ पहली महिला शिक्षिका थी, बल्कि महान समाजसेविका व नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता भी थीं। नारी शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
मुख्य वक्ता पर्यावरण एवं जल मित्र गोविंद सिंह ने स्वयंसेवकों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक किया। उन्होंने आह्वान किया कि जल की एक-एक बूंद कीमती है, जल है तो जीवन है। उन्होंने स्वयंसेवकों ने कहा कि जल बचाने के लिए अपने परिवार व समाज को जागरूक करें। गोविंद सिंह भाटिया ने बताया कि प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वजों, गुरुजनों व गुरुओं ने अपने-अपने तरीके से जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया था। वे जल संरक्षण के महत्व को भली भांति समझते थे, परंतु आज हम जल व पर्यावरण संरक्षण को लेकर उदासीन है।
न्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण दिया और कहा कि कोरोना में ऑक्सीजन की कमी से बहुत लोगों ने अपना जीवन खो दिया था और पेड़ ऑक्सीजन के सबसे बड़े भंडार हैं। इस दौरान उन्होंने स्वयंसेवकों को पर्यावरण व जल संरक्षण की शपथ दिलवाई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण इत्यादि विषयों पर पोस्टर मेकिंग, नारा लेखन गतिविधियों में भाग लिया। शिविर के दौरान प्राध्यापक संध्या, कुलदीप सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।