साढौरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में साढौरा खंड में पथ संचलन का आयोजन किया गया। पूर्ण गणवेश में सजे स्वयंसेवकों ने लगभग तीन किलोमीटर लंबा पथ संचलन किया।
संचलन को देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक सड़कों के किनारे एकत्रित हुए। पथ संचलन के मार्ग में कॉलोनियों और गलियों में लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। छतों से भी लोगों ने पुष्प बरसाकर अभिनंदन किया। मार्ग में जगह-जगह सजाए गए तोरणद्वार और रंगोलियों ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। संचलन में बाल स्वयंसेवकों से लेकर वयोवृद्ध कार्यकर्ताओं तक ने भाग लिया। सभी स्वयंसेवक पूरे अनुशासन और एकजुटता के साथ कदमताल करते नजर आए।
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पथ संचलन के समापन पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अनाज मंडी प्रधान एवं समाजसेवी राजकुमार अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता विभाग बाल कार्य विद्यार्थी प्रमुख श्रीप्रकाश तथा खंड संघचालक मनीष गर्ग ने शस्त्र पूजन किया। मुख्य वक्ता ने विजयदशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना, उसकी विचारधारा और ऐतिहासिक योगदान के बारे में बताया।
उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष को संगठन की सौ वर्ष की यात्रा और राष्ट्र के प्रति समर्पण के संकल्प से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम साढ़ौरा में उत्साह, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक बना।