संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। न्यायिक परिसर यमुनानगर-जगाधरी शनिवार को उस समय समझौते और राहत का केंद्र बन गया, जब राष्ट्रीय लोक अदालत में 7,980 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दयानंद भारद्वाज की देखरेख में आयोजित इस लोक अदालत में सुबह से ही पक्षकारों, अधिवक्ताओं और अधिकारियों की आवाजाही शुरू हो गई थी। अदालत परिसर में अलग-अलग बेंचों के बाहर लोगों की भीड़ दिखाई दी और हर तरफ एक ही कोशिश नजर आई, पुराने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल छह बेंचों का गठन किया गया था। इनमें से पांच बेंच जिला न्यायालय जगाधरी में लगाई गईं, जबकि एक बेंच व्यासपुर न्यायालय में स्थापित की गई। दिनभर चली सुनवाई के दौरान कुल 7980 मामलों का निपटारा किया गया। साथ ही 87 लाख 30 हजार 400 रुपये की मुआवजा राशि भी संबंधित पक्षों को दिलाई गई।
लोक अदालत में आपराधिक मामलों, एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े चेक बाउंस केस, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण (एमएसीटी), वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी से जुड़े मामलों और राजस्व मामलों की सुनवाई की गई। कई ऐसे मामले भी शामिल रहे, जो वर्षों से अदालतों में लंबित थे।
सुनवाई के दौरान अदालत कक्षों के बाहर पक्षकारों के बीच बातचीत और समझौते की कोशिशें लगातार चलती रहीं। जैसे ही किसी मामले का निपटारा होता, दोनों पक्ष राहत महसूस करते दिखाई दिए। कई परिवारों ने वर्षों पुराने वैवाहिक और संपत्ति विवाद खत्म होने पर संतोष जताया। कुछ मामलों में पक्षकार एक-दूसरे से हाथ मिलाते भी नजर आए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मुख्य न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) डॉ. अमित शर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश गुप्ता, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ऋषभ अग्रवाल, हरलीन कौर, पीयूष चौधरी तथा व्यासपुर सब-डिवीजन के सिविल जज गुलशन वर्मा ने मामलों की सुनवाई की। न्यायिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों की सहमति से त्वरित निपटारे पर जोर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि लोक अदालत शीघ्र और सरल न्याय का प्रभावी माध्यम है। इससे न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने पर रिश्तों में भी मधुरता बनी रहती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यमुनानगर के हेल्पलाइन नंबर 01732-220840 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस साल 22976 मामलों का निपटारा
इससे पहले इसी साल 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 14,996 मामलों का निपटारा किया गया था और तीन करोड़ तीन लाख 67 हजार 945 रुपये की मुआवजा राशि दिलाई गई थी। इस प्रकार वर्ष 2026 में अब तक कुल 22,976 मामलों का निपटारा लोक अदालतों के माध्यम से किया जा चुका है। सीजेएम सुमित्रा कादियान का कहना है कि इससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होने के साथ लोगों को त्वरित न्याय भी मिल रहा है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों के निपटान के लिए पहुचे लोग। संवाद