अंबाला सिटी। लखनौर साहिब गांव में अधूरे वीएलडीए (वेटरनरी एंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट असिस्टेंट) कॉलेज का कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। पहले जारी हुए 11.50 करोड़ रुपये के बजट से इस परियोजना का करीब 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। बाकी बचे काम को पूरा करने के लिए अब 8 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद रिवाइज टेंडर लगाकर आगामी वर्ष जुलाई तक इस कार्य को पूरा करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से इस परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। बीते दिनों मुख्यालय से आए अधिकारियों ने इस परियोजना का निरीक्षण किया था। इसके बाद काम को पूरा करने के लिए दोबारा प्रक्रिया में तेजी आई है। यह प्रोजेक्ट कोरोना से पहले शुरू हुआ था। इसका शुरुआती बजट करीब 11.50 करोड़ रुपये था, लेकिन यह अधूरा रह गया। अब प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने के लिए 8 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है।
60 युवाओं को दिया जाएगा प्रवेश
यह प्रोजेक्ट शहर के बड़े प्रोजेक्ट में शामिल है। इसके शुरू होने से शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी काफी फायदा होगा। वहीं, अब तक पशु चिकित्सा संबंधी पढ़ाई हिसार की लाला लाजपतराय यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनीमल साइंस (लुवास) में होती है। लखनाैर साहिब गांव में वीएलडीए काॅलेज में पशु अस्पताल के साथ-साथ एकेडमिक विंग बनेगा। इसमें विद्यार्थी काेर्स कर सकेंगे। इस कालेज में 60 युवाओं को पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान में डिग्री के लिए प्रवेश दिया जाएगा।
लखनौर साहिब की प्रदेश में हाेगी पहचान
इस कॉलेज की चहारदीवारी बनाने का कार्य सबसे पहले किया गया था। इसके बाद काॅलेज के भवन का कार्य शुरू हुआ था। यह कार्य बीच में अधूरा रह गया। अब दोबारा से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। वीएलडीए काॅलेज बनने के साथ गांव लखनौर साहिब की पहचान प्रदेश में हाेगी। वीएलडीए काॅलेज में अस्पताल और मोर्चरी को ग्राउंड लेवल तक बनाया जाएगा जबकि एकेडमिक विंग का एक भवन दाे मंजिला हाेगा।
वीएलडीए काॅलेज का जल्द रिवाइज टेंडर लगाया जाएगा। इसके लिए करीब 8 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय में अनुमति के लिए भेजा गया है। नए वर्ष में टेंडर लगने के बाद इस भवन को पूरा करने के लिए काम किया जाएगा।
- रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर