संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। स्थिति यह कि लोग रात में स्वस्थ सोते हैं, पर सुबह उठते हैं तो खुद को बुखार सहित सिर-जोड़ों के दर्द से ग्रस्त पाते हैं। चिकित्सक यह लक्षण वायरल बुखार के बता रहे हैं। इसके मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
अकेले जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में ही रोज औसत 25 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। अन्य सरकारी, निजी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर भी वायरल मरीजों की भीड़ हैं। कई परिवारों में एक साथ कई सदस्य वायरल बुखार की चपेट में हैं। इसकी चपेट में आने पर कई दिन दवा लेने पर भी मरीज नहीं उबर पा रहे हैं।
ऐसे में वायरल बुखार लोगों के त्योहारों का मजा बिगाड़ रहा है। मौजूदा मौसम का मिजाज ऐसा है कि दोपहर में गर्मी और सुबह, शाम व रात में हल्की ठंडक महसूस हो रही है। दोपहर में पसीना निकल रहा है तो सुबह, शाम व रात में ठंडी हवाओं में कंपकंपी हो रही हैं। इस तरह तापमान में अचानक हो रहे उतार-चढ़ाव का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
ऐसे मौसम में चिकित्सक सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। इस मौसम में बैक्टीरिया व वायरस वाले रोगों के होने का खतरा बढ़ जाता है। अभी ज्यादा प्रकोप वायरल का दिख रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में हर दिन औसत 1500 से 1800 ओपीडी होती है, जिसमें कुछ दिनों से रोज औसत 350-400 मरीज वायरल बुखार के आए हैं। इनमें मरीज बुखार के साथ खांसी-जुकाम, गले में खराश, सिर, जोड़ों व बदन में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। वायरल में कई दिन तक दवाई खानी पड़ रही है। इस तरह, लगातार दवा खाने के बाद भी थर्मामीटर में जांचने पर बुखार देख लोग परेशान हो गए हैं।
कई लोग इसे चिकनगुनिया, डेंगू व मलेरिया समझ सेंपल टेस्ट करने सहित प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए नारियल पानी व बकरी के दूध पीने सहित कीवी, सेब फल खाने जैसी जुगत में लगे हैं। सीएमओ डॉ. वागिश गुटिन ने कहा कि वायरल बुखार को ठीक होने में कुछ समय लगता है। इसमें जरूरी है कि चिकित्सक की बताई दवा समय पर लेने के साथ शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें और पानी, ओआरएस व जूस पीयें।