यमुनानगर (बिलासपुर)। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी कर रही गांव रानीपुर की विंटू गुर्जर राजस्व विभाग में पटवारी पद पर चयनित हुई है। विंटू की छह साल पहले शादी हुई थी, जिसके बाद से संतान व परिवार को संभालने के साथ विंटू पढ़ाई करती रहीं। इसी लग्न का परिणाम रहा कि विंटू पटवारी पद पर नौकरी पाकर खासकर अन्य विवाहित महिलाओं के लिए आदर्श बन गई हैं। विंटू की नौकरी लगने की बात पता लगते ही सगे संबंधी घर व फोन पर बधाई दे रहे हैं।
विंटू गुर्जर के पति चंद्रभान ने बताया कि उसकी पत्नी पढ़ाई में हमेशा आगे रही। 10वीं, 12हीं व अन्य कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल किया। पढ़ाई को लेकर वह कोई लापरवाही नहीं बरतती। मौजूदा समय में विंटू पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी कर रही है। शादी के बाद भी परिवार की ओर से हमेशा विंटू उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया गया। छह साल पहले शादी हुई थी, जिसके बाद पत्नी ने पुत्र का जन्म दिया। पुत्र के पालन पोषण, घर के कार्य के साथ विंटू ने पढ़ाई जारी रखी। जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। विंटू ने परिवार, बच्चा, सास-ससुर की सेवा व अन्य कार्यों के साथ पढ़ाई सामंजस्य बनाकर यह मुकाम पाया है। ससुर जगमाल ने बताया कि विंटू ने नौकरी हासिल कर अन्य महिलाओं के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है कि एक बहु अपने परिवार में तालमेल बैठाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ सरकारी नौकरी हासिल कर सकती है।
नहीं सोचा कि बिना खर्ची-पर्ची मिलेगी सरकारी नौकरी
चंद्रभान ने कहा कि कभी सोचा भी नहीं था कि बिना खर्ची-पर्ची के सरकारी नौकरी मिलेगी। कई वर्षों से प्रदेश सरकार द्वारा ग्रुप सी व डी व अन्य विभागों में बिना सिफारिश युवाओं को नौकरी दी गई, जिसे देख लगा कि मेहनत की जाए तो नौकरी मिल सकती है। पत्नी ने कुछ माह पहले ही सरकारी नौकरी के लिए सीईटी की परीक्षा दी थी। गुरुवार शाम को फोन पर मैसेज आया कि उसका सीईटी का पेपर क्लीयर हो गया है और उसे सरकारी नौकरी मिल गई है। उन्होंने ईमेल चेक किया। दोनों जगह एक-सा परीक्षा परिणाम देख परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरा परिवार बहू के सरकारी नौकरी लगने पर उत्साहित है।
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