जल संरक्षण व प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को लेकर बैठक करते जिला कार्यक्रम प्रबधक। स्वयं
सरस्वतीनगर। खंड सरस्वतीनगर के हुडियां, जमालपुर, महमदपुर गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरेंद्र ढुल के निर्देशानुसार विश्व पर्यावरण दिवस को ब्लॉक स्तर पर मनाने के लिए गावों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों को स्वच्छता, जल संरक्षण व पॉलिथीन के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया व युवाओं को अपने गांव के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला कार्यक्रम प्रबंधक बलिंद्र कटारिया ने ग्रामीणों को बताया कि यदि हम आपसी भाईचारे के साथ एक दूसरे की मदद करेंगे तो अवश्य ही हमारा गांव उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। गांव के विकास कार्यों एवं उन्नति में हम सभी की भागीदारी बहुत आवश्यक है। आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने से हम बीमारियों से बच सकते हैं। यदि हम अपने जन्मदिन या किसी भी समारोह के अवसर पर एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें तो अवश्य ही हमारा पर्यावरण दूषित होने से बच सकता है।
खंड समन्वयक राजेश सैनी ने बताया कि दैनिक जीवन में पॉलिथीन का प्रयोग जितना सुविधाजनक लगता है, उसका परिणाम उतना ही घातक है। क्योंकि प्रयोग किए गए पॉलिथीन को नष्ट करना गंभीर समस्या है। यदि हम अभी से यह संकल्प करें कि हमें पेड़-पौधे लगाकर प्रकृति को स्वच्छ एवं साफ रखना है तो यह संकल्प हमारे लिए आने वाले समय में एक वरदान साबित होगा। इस मौके पर पंचायती राज के ग्राम सचिव, सरपंच सहित, रमेश, तेजपाल, प्रिंस, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर व गांव के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।