संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दीनबंधू छोटू राम थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख और प्रदूषण ने रतनपुरा गांव के लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या पर अब ग्रामीणों का सब्र जवाब देने लगा है। ग्रामीणों ने रविवार को गांव के राजकीय स्कूल में बैठक कर एक बार फिर आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया और सरकार व प्रशासन के प्रति गहरा रोष जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि थर्मल पावर प्लांट के कूलिंग टावर से लगातार पानी की बूंदें गिरती रहती हैं, जिनके साथ भारी मात्रा में राख भी फैलती है। इससे गांव की गलियां, घरों के आंगन और छतें राख से भर जाती हैं।सुबह-सुबह साफ-सफाई करने के बावजूद दोपहर तक फिर से राख की परत जम जाती है। हालात इतने खराब हैं कि घरों के अंदर तक राख पहुंच रही है।
गांव के सरपंच राजकुमार, पूर्व सरपंच डॉ. गोपाल व पूर्व सरपंच जितेंद्र राणा ने कहा कि राख का सबसे ज्यादा असर पशुओं और खेती पर पड़ रहा है। चारा और खेत राख से ढक जाते हैं, जिससे पशुओं को मजबूरी में राख मिला चारा खाना पड़ता है। इ
सके चलते पशु बीमार हो रहे हैं और दूध उत्पादन में भी कमी आ रही है। वहीं, लोगों को सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और त्वचा रोगों की शिकायतें बढ़ गई हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने फोन पर यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से भी फोन पर बात की। ग्रामीणों के अनुसार विधायक ने मंगलवार या बुधवार को ग्रामीणों से मिलने का भरोसा दिलाया।
साथ ही यह भी कहा कि जल्द ही ग्रामीणों की मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात करवाई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार ऐसे आश्वासन मिले, लेकिन समस्या जस की तस है। पूर्व सरपंच जितेंद्र राणा ने बताया कि उनकी मांग है कि उनके गांव को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए ताकि वह इस राख से खुद को बचा सके। इसके लिए प्रशासन ने पास के ही गांव में 18 एकड़ जमीन चिन्हित की थी। उस समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि उन्हें राहत मिलेगी।ग्रामीणों के मुताबिक अब तक इस योजना पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस मौके पर मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह, बृजपाल राणा, श्रवण सिंह, रणजीत नंबरदार, रमेश राणा, कंवरपाल राणा, दयाल सिंह और राजकुमार राणा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
आंगन में पड़ी थर्मल की राख। स्वयं