संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। पाण्डो गांव में क्यू शेल्टर न होने से ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में धूप में बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। ब्लाक समिति की ओर से यात्रियों के सुविधा के लिए दो बेंच लगाई गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी बसों के चालक बसों को नही रोकते है। इससे काफी परेशानी होती है।
जनकराज पाण्डो ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा को लेकर कई बार परिवहन विभाग के अधिकारियों को क्यू शेल्टर बनाने की मांग कर चुके है। उसके बावजूद क्यू शेल्टर का निर्माण नही हो पा रहा है। इससे महिलाओं, वद्धों व बच्चों को तपती गर्मी में बसों का इंतजार करने के लिए विवश होना पड़ता है।
प्राइवेट बस संचालकों को रूट परमिट देने के साथ ही परिवहन विभाग की ओर से स्टॉप भी निर्धारित करके दिए जाते हैं। वहीं क्षेत्र में चल रही अधिकांश सरकारी व प्राइवेट बसों के चालक व परिचालक पाण्डो में अपनी बसें न रोकने की मनमानी कर रहे हैं। प्राइवेट बस संचालकों की इस मनमानी के कारण यात्रियों को परेशानी होने के अलावा परिवहन विभाग के निर्देशों का उल्लंघन भी हो रहा है। परिवहन विभाग से शिकायत करने के बावजूद बसों का ठहराव व क्यू शेल्टर का निर्माण नहीं किया जा रहा है। अजैब सिंह व समिंद्र ने बताया कि परिवहन विभाग ने पांडों के अलावा कनीपला व टपरियां के बस अड्डों पर बसों के ठहराव के लिए स्टॉप निर्धारित किए हुए हैं।
प्राइवेट बसों के चालक व परिचालक अपनी बसों को यहां रोकते नहीं है। इससे यहां उतरने व चढ़ने वाले यात्रियों को या तो तीन किमी पहले सरावां या फिर एक किमी आगे साढौरा दोसड़का चौक पर चढ़ने व उतरने को मजबूर होना पड़ता है। पाण्डो के ग्रामीणों को बसों का ठहराव न होने की कारण यह सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के सीजन में महिलाओं, वृद्धों व बच्चों के लिए यह पैदल सफर बहुत मुश्किल रहता है।