संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ताजकपुर बाड़ी माजरा के पास पश्चिमी यमुना नहर की पटरी का एक हिस्सा टूटने से पानी आसपास के खेतों में पहुंच गया, जिससे खेत जलमग्न हो गए। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी। इस पर ग्रामीणों ने खुद ही मरम्मत की।
वहीं सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दादूपुर से नहर में पानी का स्तर कम कराया, जिसके बाद खेतों में पानी का बहाव रुक गया। ग्रामीणों के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। विभाग की ओर से नहर में पानी का प्रवाह कम करने के साथ ही स्थिति पर नजर रखी गई। जलस्तर कम होने के बाद नहर से खेतों की ओर जा रहा पानी रुक गया और राहत मिली।
इस दौरान ग्रामीण भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठे। कई लोग कस्सी और फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे तथा टूटे हिस्से पर मिट्टी डालकर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास करते रहे। ग्रामीणों केप्रयास से भी स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली। ग्रामीण राकेश कुमार, रणबीर सिंह, लक्ष्मी चंद और रविंद्र ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से पश्चिमी यमुना नहर को पक्का करने का कार्य किया जा रहा है।
ताजकपुर गांव के पास नहर का एक हिस्सा अभी कच्चा है। उनका कहना है कि नहर में पानी का स्तर अधिक होने के कारण इसी कच्चे हिस्से की पटरी टूट गई, जिससे पानी खेतों की ओर बहने लगा। ग्रामीणों ने मांग की कि टूटे हुए हिस्से की जल्द स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाएगा, जिससे नहर की पटरी को सुरक्षित बनाया जा सके।
ताजकपुर में नहर की पटरी से आ रहे पानी को मिट्टी लगाकर रोकते ग्रामीण। स्वयं