यमुनानगर। बाकरपुर गांव में लंबे समय से चल रहा डाॅ. बीआर आंबेडकर भवन का विवाद एक फिर गरमा गया है। सरपंच द्वारा केस दर्ज कराए जाने से नाराज ग्रामीण शुक्रवार को ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर लघु सचिवालय में पहुंचे। जहां पर उन्होंने एसपी गंगाराम पूनिया से मिले। ग्रामीणों ने एसपी मांग की है कि गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा की सुरक्षा की जाए और सीसीटीवी लगाए जाएं। जिसके बाद एसपी एसएचओ बूड़िया को शिकायत भेजते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बाकरपुर गांव के रामदास, बीर सिंह, जय सिंह, ओमप्रकाश, पंच मामचंद, पंच अनुराधा, सन्नी, पूर्व सरपंच प्रवीन कुमार, कौशल्या देवी, बाला देवी, सलोचना, सीमा देवी, ओमप्रकाश, मेहरचंद व सोमनाथ का कहना है कि ग्राम पंचायत ने पिछले कार्यकाल में सार्वजनिक कार्यों के लिए आंबेडकर भवन बनाने के लिए जगह रिजर्व की थी। जिसको लेकर गांव के ही दो लोग कोर्ट में चले गए। जिसमें सिविल कोर्ट ने मई माह में ग्राम पंचायत के खिलाफ आदेश पारित कर दिए। इससे संबंधित मामला संबंधित सिविल कोर्ट में लंबित है।
इसके साथ ही सिविल कोर्ट के विरूद्ध अपील सेशन कोर्ट में दायर की गई। जिसके नोटिस बीडीपीओ जगाधरी व सरपंच, ग्राम पंचायत बाकरपुर को मिल गए हैं। इसके बावजूद सरपंच ने अपने ताया के लड़के व अन्य को साथ लेकर मूर्ति उठाने की मंशा से 12 अगस्त को विवादित भूमि की चहारदीवारी के गेट पर लगे ताले तोड़ दिए। इससे गांव में तनाव हो गया।
ग्रामीणों ने डायल 112 पर फोन किया, पुलिस ने आकर सरपंच व उसके ताया के लड़के को समझाया। दोनों पक्षों को थाना में जाकर एसएचओ से मिलने को कहा। एसएचओ ने भी शांति बनाए रखने के लिए सरपंच को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी और मूर्ति उठाने पर आमदा है। जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने पहरा देना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक आरोपी ने मंगलवार को भी मूर्ति को खंड़ित करने की कोशिश की। रोकने पर आरोपी ने मारपीट की। जो अब भी जान से मारने व मूर्ति खंडित करने की धमकियां दे रहा है। पीड़ितों ने इस बारे थाना बूड़िया में शिकायत की हुई है। परंतु पुलिस ने मारपीट करने वालों के बजाय ग्रामीणों पर ही केस दर्ज कर दिया। गामीणों ने मांग की है कि इस झूठे केस को रद्द किया जाए। जल्द मामले का संतोषजनक हल नहीं हुआ, तो लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठेंगे।