साढौरा। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने शुक्रवार को नकटी नदी पर बनाए गए तटबंध का निरीक्षण करके इसके डिजाइन को गलत ठहराते हुए इसे मूल स्थान पर बनाने के निर्देश दिए। बरसात के बाद किए जाने वाले इस काम से पहले उन्होंने नकटी नदी व आसपास की सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी करने को कहा।
डीसी ने नदी की खोदाई करने का भी निर्देश दिया। कस्बे के कई मोहल्लों में जलभराव होने की समस्या का जायजा लेने पहुंचे डीसी कैप्टन मनोज कुमार को नगरपालिका की चेयरपर्सन शालिनी शर्मा ने तटबंध के गलत डिजाइन के कारण जलभराव होने को मूल कारण बताया, तब डीसी ने खुद दो जगह का मौका करके तटबंध का निरीक्षण किया।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इस तटबंध के औचित्य बारे भी जवाब तलबी की। डीसी ने बताया कि जलभराव के कारण हुए नुकसान की भरपाई क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से जल्दी ही की जाएगी। शालिनी शर्मा ने गलत तटबंध बनाकर जनता को परेशान करने तथा सरकारी धन की बर्बादी करने बारे सिंचाई विभाग के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान बिलासपुर के एसडीएम देवेन्द्र शर्मा, नायब तहसीलदार कुलदीप, नपा सचिव भम्बूल सिंह, सिंचाई विभाग के एसडीओ सहदेव, नपा वाइस चेयरमैन देवेन्द्र सैनी, नपा के पूर्व प्रधान प्रेम भसीन, नवीन भसीन, राहुल देव मोनू, पार्षद नायब सैनी, सजल सेठ व सरजीवन भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि सिंचाई विभाग ने नगरपालिका की राय जाने बगैर ही मई माह में नकटी नदी के तटबंध को बनाने का काम शुरु किया था जबकि नगरपालिका चेयरपर्सन शालिनी शर्मा की राय थी कि अगर नदी की खोदाई कर दी जाए तो कस्बे में जलभराव नहीं होगा लेकिन सिंचाई विभाग ने अपनी मनमानी करते हुए तटबंध बनाने का काम जारी रखा।
इस दौरान अवैध कब्जे हटाने की बजाय इन अवैध कब्जों से हटकर तटबंध बना दिया। जिसकी वजह से अवैध कब्जे तो सुरक्षित हो गए पर तटबंध के कारण नदी का प्रवाह क्षेत्र संकरा हो गया। नतीजतन पहली ही बरसात के दौरान नदी का पानी कस्बे के कई क्षेत्रों में जलभराव का कारण बन गया। इस जलभराव के कारण लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।