रादौर। जंगल से भटक कर एक बारहसिंगा रविवार सुबह गांव नाचरौन में घुस गया। बारहसिंगा को देखकर उसके पीछे गांव के काफी संख्या में आवारा कुत्ते दौड़ पड़े। बारहसिंगा को कुत्तों ने गांव की गलियों व खेतों में खूब दौड़ाया और बाद में गांव के लोगों ने बारहसिंगा को कुत्तों के चुंगल से छुड़वाकर उसकी जान बचाई। इस दौरान बुरी तरह से घबराया बारहसिंगा गांव के जोहड़ में गिर गया।
ग्रामीणों ने उसे जोहड़ से बाहर निकाला और बड़ी मशक्कत से गांव के नीटूराणा व उसके साथियों ने बारहसिंगा को काबू कर जगदीश राणा के घेर में बने कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना कंट्रोल रूम में दी। इस पर वन्य प्राणी विभाग की टीम सब इंसपेक्टर जयदेव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और कमरे में बंद किए बारहसिंगा को पशुपालन विभाग के डॉक्टर दलबीर सिंह से नशे का टीका लगवाकर काबू किया। इसके बाद वन्य प्राणी विभाग की टीम बारहसिंगा को वाहन से अपने साथ कलेसर के जंगलों में ले गई।
गांव के नीटू राणा ने बताया कि रविवार सुबह करीब छह बजे वह अपने खेतों में खड़ा था। इसी दौरान उन्होंने एक बारहसिंगा को भागते हुए देखा, जिसके पीछे काफी संख्या में गांव के आवारा कुत्ते लगे हुए थे। उन्होंने बारहसिंगा को अपने साथियों के साथ मिलकर कुत्तों से बचाया और काबू किया। वन्य प्राणी विभाग के सब इंसपेक्टर जयदेव ने बताया कि बारहसिंगा जंगलों से पानी व भोजन की तलाश में भटक कर गांव में पहुंचा है। आजकल जंगलों में पानी व भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर जंगलों से भटक कर खेतों व गांव में पहुंच जाते हैं।