संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर के बीचोबीच बुबका गली में बुधवार रात को खंडहर हुआ भवन अचानक ढह गया। भवन लगभग 100 वर्ष पुराना था। जिसकी चपेट में आकर एक क्रेटा कार क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्य से जब खंडहर भवन गिरा तो आसपास कोई नहीं था। अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
खंडहर हुआ भवन वर्षों से खाली पड़ा हुआ है, इसमें कोई नहीं रहता। भवन का मलबा सड़क पर गिरने की आवाज सुनकर काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। तभी आसपास के लोगों ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गली के दोनों ओर बैरिकेट लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने गली में आवाजाही को रोका।
शहर की भवन ढहने के बाद नगर पालिका हरकत में आई है। नगरपालिका की ओर से वीरवार को शहर में खंडहर हो चुके भवनों की सूची तैयार की गई। जिसके बाद नौ लोगों को नगरपालिका की ओर से नोटिस जारी किए गए। नपा सचिव सुरेंद्र मलिक ने बताया कि शहर में नौ लोगों को उनके खंडहर हो चुके मकान गिराने बारे नोटिस दिया गया है। जिसमें उन्हें अपने खंडहर हो चुके भवनों को गिराने बारे कहा गया है। यदि वह तीन नोटिस मिलने के बाद भी अपने खंडहर भवन नहीं हटाते तो नगरपालिका ऐसे खंडहर हो चुके पुराने भवनों को गिराने का काम करेगी। जिसका खर्च खंडहर हो चुके भवन के मालिक को अदा करना होगा।
पिता-पुत्र चपेट में आने से बचे
जिस समय भवन का मलबा गली में गिरा तो उस समय गांव धौडंग निवासी राहुल अपने पिता सीताराम को दवाई दिलवाने गली में डॉक्टर बिमल के पास लेकर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी गली में खड़ी की थी। वह जैसे ही गाड़ी को खड़ी करके आगे बढ़े तो खंडहर भवन का मलबा गिर पड़ा। इस दौरान वह दोनों बच गए। लेकिन उनकी गाड़ी बुरी तरह से मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। समाजसेवी डॉ. बिमल ने बताया कि जिस समय पुराने भवन का मलबा गली में गिरा तो आसपास कोई नहीं था। यदि दिन का समय होता तो जानी नुकसान हो सकता था।