संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के टोपरा कलां गांव में हड़प्पा काल के बर्तन और ठीकरें मिले हैं, जो करीब तीन हजार 700 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इनकी जांच के लिए शनिवार को पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक डॉ. बिनानी भट्टाचार्य गांव में पहुंची। यहां उन्होंने पूरे गांव का भ्रमण किया। साथ ही अवशेषों की नई खोज के लिए पूरे गांव के सर्वे का निर्णय लिया। विदित हो कि यह वही टोपरा कलां गांव है, जिसके इतिहास से जी-20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मेहमानों को रूबरू कराया था।
मौर्य वंश के सम्राट अशोक की बौद्ध शिक्षाओं को समर्पित टोपरा कलां बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां स्थापित अशोक चक्र आज भी पर्यटकों और इतिहासकारों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वर्तमान में टोपरा गांव प्राचीन टीले पर स्थापित है और मौर्य युग के मिट्टी के बर्तनों के अवशेष यहां पहले भी मिलते रहे हैं, लेकिन अब हड़प्पा काल के बर्तन और ठीकरें मिलने से पुरातत्व विभाग इसके सर्वे में जुट गया है। विभाग की उपनिदेशक डॉ. बिनानी भट्टाचार्य ने बताया कि उन्होंने टोपरा कला गांव का भ्रमण किया है, जहां हड़प्पा काल के बर्तन और ठीकरों के अवशेष मिले हैं, जो तीन हजार 700 साल पहले का अनुमानित है। अब गांव का सर्वे किया जाएगा ताकि यहां की और जानकारी मिल सके। इस संबंध में सरकार को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
महात्मा बुद्ध से पहले के यहां पुराने बर्तनों के अवशेष मिले हैं, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। अगर यहां का सर्वे हो तो काफी पुरानी ऐतिहासिक वस्तु और धरोहर मिल सकती हैं। - सिद्धार्थ गौरी, जनरल सेक्रेटरी, द बुद्धिस्ट फोरम।