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Yamuna Nagar News: तस्करों से पकड़े गए यूरिया की होगी नीलामी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और पुलिस की ओर से तस्करी में पकड़े गए यूरिया की नीलामी कराई जाएगी। जिले के विभिन्न थानों में रखी करीब 6000 बैग यूरिया की नीलामी कराने के लिए सैंपल लिए गए हैं। सैंपल की जांच रिपोर्ट के आधार पर यूरिया की कीमत तय की जाएगी। यूरिया बेचने से मिली धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराई जाएगी।
थानों रखे यूरिया की इस्तेमाल की अवधि दो माह से लेकर दो साल तक की है। दो साल में कहीं न कहीं यूरिया की क्वालिटी पर भी असर पड़ जाता है। यूरिया की क्वालिटी सही है या नहीं यह जानने के लिए कृषि विभाग इस यूरिया के सैंपल ले रहा है। सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। लैब से जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर ही यूरिया की कीमत लगाई जाएगी।
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माना जा रहा है कि नीलामी में इस यूरिया को प्लाईवुड कारोबारी खरीद सकते हैं। यूरिया बिकने से थानों में जगह खाली हो जाएगी जिससे पुलिस को फायदा होगा। क्योंकि पुलिस को इसकी सुरक्षा भी करनी पड़ रही है। साथ ही गर्मी, सर्दी, बारिश से इसे बचाना पड़ रहा है। यूरिया को सबसे ज्यादा बारिश के पानी से खतरा है।
दरअसल जिले में कृषि योग्य यूरिया की बड़े स्तर पर तस्करी होती है। जिले में प्लाईवुड की सैकड़ों इकाइयां हैं। जिनमें प्लाईबोर्ड को चिपकाने के लिए ग्लू की जरूरत पड़ती है। यह ग्लू यूरिया से बनता है। सरकार ग्लू बनाने के लिए व्यापारियों को टेक्निकल ग्रेड यूरिया बेचती है, जबकि खेती में नीम कोटेट कृषि ग्रेड यूरिया का इस्तेमाल होता है।
कृषि योग्य यूरिया की तस्करी का सबसे बड़ा कारण इसके रेट में कमी होना है। कृषि ग्रेड यूरिया पर सरकार सब्सिडी देती है। टेक्निकल ग्रेड यूरिया का बैग बिना सब्सिडी के मिलता है जिसकी कीमत करीब 2200 रुपये प्रति बैग है। कृषि ग्रेड यूरिया का बैग सब्सिडी के बाद 267 रुपये का मिलता है।
इस पर प्लाईवुड कारोबारी महंगा टेक्निकल ग्रेड यूरिया खरीदने के बजाय कृषि ग्रेड यूरिया खरीदते हैं। अब तो कृषि ग्रेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड यूरिया के खाली बैग में भी भरकर बेचा जाने लगा है ताकि किसी को शक न हो। थानों में जो यूरिया पड़ा है वह सारा कृषि ग्रेड है। इसी साल अप्रैल व मई में ही यूरिया के 3100 से ज्यादा बैग पकड़े जा चुके हैं।
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कृषि विभाग व पुलिस विभाग मिलकर थानों में रखे यूरिया की नीलामी कराएगा। इसके लिए यूरिया के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी जांच करवा कर यूरिया की क्वालिटी का पता किया जाएगा। लैब की रिपोर्ट आने पर ही नीलामी के लिए यूरिया की कीमत तय की जाएगी। - डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक कृषि विभाग, यमुनानगर।
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