संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। ब्लॉक समिति छछरौली की बैठक सोमवार को हंगामे हो गया। चार माह बाद हुई दूसरी बैठक में तकरीबन सभी सदस्य मौजूद रहे। वार्ड नंबर 14 से सदस्य मेनका ने समिति के अध्यक्ष राजकुमार को विकास कार्यों के लिए दिए जाने वाले फंड में भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाए।
उनका आरोप था अध्यक्ष जो फंड वितरित कर रहे वह बराबर नहीं है, ऐसे में इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। आरोप है अध्यक्ष से जब फंड के मामले में पूछा जाता तो वे बदतमीजी करते हैं। सदस्य मेनका ने बीडीपीओ को शिकायत देकर अध्यक्ष को बदलने की मांग की है। मेनका ने बताया कि ब्लॉक समिति में जमा फंड व विकास कार्यों के लिए खर्च की गई राशि के लिए आरटीआई लगाकर जवाब मांगा था।
इसमें पता चला ब्लॉक समिति छछरौली में कुल 5 करोड़ 17 लाख के कार्य हुए हैं, जिनमें से दो करोड़ चार लाख के कार्य अकेले ब्लॉक समिति अध्यक्ष द्वारा कराए दर्शाए गए हैं, जबकि ब्लॉक समिति छछरौली में 24 सदस्य हैं। बाकी सभी सदस्यों को एक या दो नाम मात्र का फंड विकास कार्यों के लिए दिया गया है। समिति के सदस्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। इसकी विजिलेंस से जांच होनी चाहिए।
बीडीपीओ छछरौली सचेत मित्तल के मुताबिक बैठक कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है। ब्लॉक समिति सदस्य मेनका ने विकास कार्यों की आरटीआई लगाई थी। सदस्य को जानकारी दे दी गई है। ब्लॉक समिति अध्यक्ष राजकुमार का कहना है सभी सदस्यों को फंड समान रूप से वितरित किया गया है। सदस्य मेनका को आरटीआई के तहत जवाब दे दिया गया है। उनके सभी आरोप निराधार है। बदतमीजी करने आरोप भी झूठे हैं, बिना मतलब के दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।