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ईसाई महिला को दफनाने को लेकर हंगामा, पुलिस ने रोका टकराव

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uproar over burying the woman - फोटो : Yamuna Nagar
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थाना प्रतापनगर में शनिवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ईसाई परिवार की बुजुर्ग महिला का शव परिजनों ने घर में दफना कब्र बनाने की कोशिश की। लेकिन कस्बावासी वहां कब्र बनाने के खिलाफ थे। जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ। मौके पर पुलिस पहुंची। लेकिन लोगों को समझाने के पुलिस प्रयास भी सफल नहीं रहे। इस दौरान गांव किशनपुरा की पंचायती जमीन पर परिजनों ने कब्र खोदी। जिसका किशनपुरा के वासियों ने विरोध कर दिया।
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थाना प्रभारी के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और एक कोने में कब्र के लिए जगह देने को राजी हो गए। लेकिन इस पर मृतका के परिजन खफा हो गए। काफी समझाने के बाद भी वे नहीं माने और शव वहां से ले जाकर जगाधरी स्थित ईसाई कब्रिस्तान में दफनाया। मामले पर पुलिस नजर बनाए हुए है।
थाना प्रतापनगर के खिजराबाद कस्बे में 101 वर्षीय गेंतीवती मसीह ईसाई संप्रदाय की अनुयायी थी। बीती रात गेंतीवती का देहांत हो गया। मृतक गेंदीवती को उसकी बेटियां खिजराबाद स्थित अपने घर में ही दफनाना चाहती थी। जिस पर उन्होंने घर में कब्र खोदना शुरू कर दिया। इसका जैसे ही आसपड़ौस के लोगों को पता चला, तो सैकड़ों महिलाएं एकत्र हो वहां पहुंच गईं। लोगों ने घर में कब्र बनाने पर ऐतराज जताया। लोगों ने कहा कि इस घर के साथ अन्य लोगों के घर भी लगते हैं। घरों के बीच कब्रिस्तान नहीं हो सकता। इसलिए उन्होंने परिजनों को शव कब्रिस्तान ले जाने को कहा। लेकिन बेटियां चाहती थी कि उनकी मां की कब्र गांव में ही बने। जिस पर दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। इसकी सूचना जैसे ही पुलिस को मिली तो थाना प्रभारी राकेश राणा महिला पुलिस सहित दल बल लेकर मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया। करीब चार घंटे यह हंगामा चला और तनाव की स्थिति बनी रही।
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थाना प्रतापनगर प्रभारी राकेश राणा को कस्बावासियों ने बताया कि मसीह संप्रदाय का मात्र एक घर खिजराबाद में है। यहां गेंदीवती अकेली रहती थी। जो दाई का काम भी करती थी। रात को उसका देहांत हो गया। जिसके बाद उसकी बेटियां चंडीगढ़ से यहां पहुंची। वे अपनी मां का शव घर में ही दफना कर कब्र बनाना चाहती थी। वे इसे यादगार बनाने के लिए कब्र बनाकर बड़ी मीनार बनाना चाहते हैं। लोगों ने कहा कि इसके आसपास सैकड़ों घर हैं। सभी के श्मशान घाट और कब्रिस्तान आबादी से बाहर हैं। ऐसे में उनकी कब्र यहां नहीं बनाई जा सकती। जिस पर पुलिस ने काफी समझाया और वे शव पंचायती जमीन पर दफनाने के लिए मान गए।
घर में शव दफनाने को लेकर हंगामा के बाद परिजन किशनपुरा की पंचायती जमीन कब्र के लिए मान गए। परिजन बुजुर्ग का शव लेकर किशनपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने कब्र खोद दी। जब वे शव कब्र में रखने लगे तो किशनपुरा के सैकड़ों लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने कब्र पर मिट्टी ही नहीं डालने दी। जिसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई। टकराव की स्थिति देख पुलिस ने बीच बचाव करवाया। लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन कोई भी ग्रामीण अपनी बात से टस से मस नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। गांव के शव को यहां दफनाने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए कब्रिस्तान बने हुए हैं। वे वहां लेकर जाकर शव दफनाने, वे अपने गांव में शव दबाने नहीं देंगे। स्थिति गंभीर देखकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
किशनपुरा के लोगों और पंचायत के साथ काफी देर बातचीत चलती रही। पुलिस ने लोगों को समझाया। जिस पर वे लोग किशनपुरा की पंचायती जमीन में एक कोने पर कब्र के लिए जगह देने को तैयार हो गए। लेकिन इसके लिए मृतका के परिजन नहीं माने। वहीं गांव वाले एक छोर पर ही जमीन देने की बात पर अड़ रहे।
बाद में परिजन मृतका का शव जगाधरी ले आए। शाम को जगाधरी स्थित ईसाई कब्रिस्तान में गेंतीवती को दफन किया गया। वहां तनाव की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस नजर बनाए हुए है।
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