चार साल पहले आजाद नगर में हुए नीरज हत्याकांड में एडीजे डॉ. अब्दुल माजिद की कोर्ट ने पांच युवकों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्यारों पर कोर्ट ने 19-19 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। इस मामले में वीर अर्जन, नितिन लांबा, राहुल, विक्की तनेजा और मानी यादव को सजा सुनार्इ गई है। वहीं अक्षय और प्रवेश को कोर्ट ने बरी कर दिया। इस हत्याकांड के तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। जिन पर कोर्ट ने कोई फैसला नहीं सुनाया।
26 सितंबर 2016 को आजाद नगर कॉलोनी निवासी नीरज ने जुआ खेल रहे युवकों को रोका। जिस पर उनकी बहस हो गई। इस दौरान वीर अर्जन, नितिन लांबा, राहुल, विक्की तनेजा और मानी यादव सहित अन्य युवकों ने नीरज पर लाठी, डंडों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में उपचार के दौरान 28 सितंबर की रात नीरज ने दम तोड़ दिया। जिस पर पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर सात युवकों पर हत्या का केस दर्ज किया था। वहीं हत्या के बाद से सभी आरोपी फरार हो गए। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने काफी दबिश दी। पुलिस ने नीरज की हत्या में जितेंद्र उर्फ जोनी, मन्नी यादव, वीर अर्जुन, नितिन लांबा, प्रवेश उर्फ काला, राहुल उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया था। करीब चार साल से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। जिसमें कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पांच को सजा सुनाई है।
नीरज हत्याकांड शहर की सुर्खियों में रहा। इस हत्याकांड की सोशल मीडिया पर भारी चर्चा रही। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने कभी हंगामा भी किया था। नीरज का शव रख कर हाईवे जाम कर दिया गया। तीन घंटे परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। एसपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने नीरज का अंतिम संस्कार किया था। लेकिन संस्कार के कई दिन बाद भी पुलिस हत्यारों को पकड़ नहीं पाई। इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया था। जिसके बाद मामला सिटी पुलिस से अन्य एजेंसियों को सौंप दिया गया था। हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों व नीरज के दोस्तों ने रोष जुलूस भी निकाला था। काफी दिनों बाद पुलिस हत्यारों तक पहुंच पाई थी। लेकिन चार साल बाद भी पुलिस इस हत्याकांड के तीन आरोपियों की तलाश में है।