अगर नेशनल हाईवे-73 (निर्माण के चलते अभी बंद है), बाड़ीमाजरा और कैत
कलानौर रोड निर्माण कार्य के कारण बंद हो जाता है तो इससे यूपी की सहारनपुर
के रास्ते और हरियाणा की यमुनानगर के रास्ते होने वाली व्यापारिक
गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित होंगी।।
इससे सबसे ज्यादा प्रभाव प्लाइवुड
इंडस्ट्री होगी। क्योंकि लक्कड़ मंडी में आने वाली पापुलर सबसे ज्यादा
यूपी से ही आती है। लक्कड़ मंडी में पहुंचनी वाली 75 प्रतिशत लकड़ी यूपी से
आती है और 15 प्रतिशत हरियाणा से तो 10 प्रतिशत पंजाब से आती है। इससे साफ
है कि ये तीनों रास्ते बंद होने से तो बहुत कम लकड़ी ही मंडी में पहुंच
पाएगी। इसके साथ ही यूपी से यमुनानगर में काफी मात्रा में फलों की आवक भी
होती है, जो तीनों रास्ते बंद होने से प्रभावित होगी। ये दोनों ही
व्यापारिक गतिविधियां सड़क के रास्ते ही संभव हो पाती हैं।
हालांकि तीनों
रास्ते बंद होने से एक विकल्प ट्रेन का बचता है, लेकिन न तो पापुलर और न ही
फल व सब्जियां ट्रेन से आ सकती हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में आम
आदमी के साथ-साथ जिले में व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह से प्रभावित
होनी तय हैं। फल सब्जियां न आने से शहर के लोगों को महंगाई की मार झेलनी
पड़ सकती है।
लक्कड़ मंडी और प्लाइवुड इंडस्ट्री रहेगी भंवर
जिले
में जगाधरी शहर में, नेशनल हाईवे-73 पर यमुना पुल से आगे और जोडियो नाके
के आसपास सैकड़ों लक्कड़ व्यापारियों की दुकान है। जिनका पूरा कारोबार ही
यूपी से आने वाली लक्कड़ पर टिका है। लेकिन आगामी दिनों में कैत कलानौर और
बाड़ीमाजरा रोड पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, जिसकी फिलहाल टेंडर
प्रक्रिया चली है। यमुना पुल से कलानौर तक हाईवे अगस्त से निर्माण कार्य के
चलते बंद है। जिसका निर्माण कार्य मार्च अप्रैल तक पूरा हो पाएगा। इसके
साथ ही यूपी से लकड़ी न आने से प्लाइवुड इंडस्ट्री पर भी संकट छा सकता है।
क्योंकि जब मंडी में लकड़ी नहीं पहुंचेगी तो इंडस्ट्री में भी कच्चा माल
नहीं पहुंच पाएगा। इसके साथ ही जगाधरी से बड़ी मात्रा में बर्तन यूपी जाते
हैं। इससे जगाधरी की बर्तन इंडस्ट्री भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
पहले हाईवे का निर्माण हो पूरा
लोगों
का कहना है कि अगर तीनों की सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू हो जाता है, तो
इससे समाज को हर वर्ग प्रभावित होगा। क्योंकि एक तो यूपी से हरियाणा में और
हरियाणा से यूपी में बहुत कुछ निर्यात होता है। लोगों का कहना है कि
प्रशासन को पहले हाईवे का निर्माण कार्य पूरा करना चाहिए, तब ही इन पर
कार्य शुरू किया जाए। क्योंकि सभी रास्ते बंद होने से बहुत से व्यापारियों
का काम ठप हो जाएगा।